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नीतीश कटारा हत्याकांड में दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस

सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 17 मार्च (Udaipur Kiran) । सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्या मामले के दोषी सुखदेव यादव ऊर्फ पहलवान की सजा में छूट की मांग पर अभी तक फैसला नहीं करने पर दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। जस्टिस एएस ओका की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि जब तक कोई कठोर तरीके न अपनाएं तब तक कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जाता है। मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।

कोर्ट ने कहा कि सुखदेव यादव ने 20 साल की सजा बिना माफी के काट ली है। उसके बावजूद उसकी अर्जी पर दिल्ली सरकार कोई फैसला नहीं कर रही है। कोर्ट ने कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा था कि सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (एसआरबी) इस मामले पर विचार करेगी, लेकिन दिल्ली सरकार ने ये भी उचित नहीं समझा कि इसके लिए कोर्ट से समय मांगे। ऐसे में दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया जाता है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को सुनवाई की अगलवी तिथि को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया जिसमें कहा गया था कि इस मामले में किसी भी सजा माफी के मामले पर फैसला करने से पहले पीड़ित की मां नीलम कटारा का पक्ष सुना जाए। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा कौन सा प्रावधान है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद समय पर फैसला नहीं करना है। इसके पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर 20 साल की सजा 10 मार्च को खत्म हो रही है तो कोई कैदी जेल में कैसे रखा जा सकता है। आखिरकार ये मामला किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। इस मामले पर काफी पहले से प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए थी। बता दें कि 17 फरवरी, 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी। नीतीश कटारा का विकास यादव की बहन भारती यादव के साथ प्रेम संबंध था। यह प्रेम संबंध यादव परिवार को मंजूर नहीं था।

(Udaipur Kiran) /संजय

(Udaipur Kiran) / सुनीत निगम

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