Uttar Pradesh

मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान के वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक 

मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान की वर्चुअली शुभारंभ करते केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (फोटो)

लखनऊ, 10 फरवरी (Udaipur Kiran) । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की उपस्थिति में भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 13 राज्यों के 111 जिलों में आयोजित मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान के वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा व स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारीगण सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए उत्तर प्रदेश के 14 जनपदों में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। प्रदेश के करीब एक करोड़ दस लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के लिए 8816 टीमों और 1763 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। अभियान के तहत 45 ब्लॉकों में टीमें बूथ और घर-घर जाकर दवा का सेवन कराएंगी। फाइलेरिया प्रभावित आठ जनपदों बलिया, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, जौनपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर और सोनभद्र के 19 ब्लॉकों में दो दवा डीईसी एवं अल्बेंडाजोल और छह जनपदों लखनऊ, उन्नाव, अमेठी, बरेली, प्रयागराज और बाराबंकी के 26 ब्लॉकों में तीन दवाएं डीईसी, अल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवा खिलाई जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मच्छर से फैलने वाला रोग फाइलेरिया, जिसे हम हाथीपंव के नाम से भी जानते है। फाइलेरिया किसी भी उम्र या वर्ग के लोगों को हो सकता है और बच्चों में इसका खतरा सबसे ज्यादा है। इसका विकराल स्वरूप मरीज को मच्छर काटने के 10 से 15 वर्षों के बाद दिखता है। फाइलेरिया से बचाव के लिए साल में केवल एक बार फाइलेरिया रोधी दवाओं के सेवन से हम इस बीमारी से बच सकते हैं। पिछले वर्ष भी फरवरी तथा अगस्त में इस अभियान को प्रदेशमें व्यापक स्तर पर संचालित किया गया था।

(Udaipur Kiran) / श.चन्द्र

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