
जम्मू, 19 मार्च (Udaipur Kiran) । मूवमेंट कल्कि संगठन की ओर से आज एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें संगठन के नेताओं ने सरकार पर गाय माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया। इस आंदोलन को 150 दिन पूरे हो चुके हैं और यह मांग अब और तेज़ होती जा रही है। मूवमेंट कल्कि के संगठन मंत्री करनैल चंद ने सरकार को घेरते हुए कहा नेता अपनी तनख्वाह बढ़ाने के लिए एकजुट हो जाते हैं, लेकिन गाय माता के संरक्षण पर कोई चर्चा नहीं होती। पहले गौहत्या पर धारा 302 लागू थी, लेकिन अब तस्कर आसानी से छूट जाते हैं और उनमें कानून का कोई डर नहीं बचा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और बड़े स्तर पर किया जाएगा। मूवमेंट कल्कि के कानूनी सलाहकार एडवोकेट सोमेश्वर कोहली ने सरकार की दोहरी नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा दिल्ली में जब शंकराचार्य गाय माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग के लिए प्रदर्शन करने जा रहे थे, तब सरकार ने धारा 144 लगाकर उन्हें रोक दिया। लेकिन अन्य समुदायों को प्रदर्शन की छूट दी जाती है। यह उन करोड़ों सनातनियों के लिए तमाचा है, जिन्होंने सरकार को वोट देकर सत्ता सौंपी थी।
मूवमेंट कल्कि के बोर्ड मेंबर विक्रम महाजन ने सभी धर्मप्रेमियों से इस आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा हम 150 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हम तब तक संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक गाय माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं मिल जाता। यह केवल आंदोलन नहीं, बल्कि समाज सुधार का एक यज्ञ है। मूवमेंट कल्कि का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलन का अगला कदम क्या होगा।
(Udaipur Kiran) / राहुल शर्मा
