
मीरजापुर, 2 अप्रैल (Udaipur Kiran) । चुनार कोतवाली क्षेत्र के कंपोजिट स्कूल फतेपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक बासुदेव सिंह की हृदयगति रुकने से असामयिक मृत्यु हो गई। उनकी अचानक हुई मौत से शिक्षा विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
नरायनपुर विकासखंड क्षेत्र के शुकुलपुरा गांव निवासी 40 वर्षीय बासुदेव सिंह, पुत्र रमाशंकर सिंह, कंपोजिट स्कूल फतेपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। प्रतिदिन की भांति बुधवार को वे सुबह भोजन कर विद्यालय पहुंचे और ‘स्कूल चलो अभियान’ के अंतर्गत निकाली गई रैली में शामिल हुए। रैली के बाद वे कक्षा में पढ़ाने के लिए बैठ गए।
छात्रों के मध्याह्न भोजन के दौरान, मौसम ठंडा होने के कारण बच्चे खेलने लगे। छुट्टी के समय जब कुछ बच्चे कक्षा में ताला बंद करने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि सर का सिर लटका हुआ था और वे कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे।
सूचना मिलते ही प्रधानाध्यापिका सुधा रानी, सहायक अध्यापिका सुनीता और अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे। तत्काल उन्हें कैलहट स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मृत्यु से परिवार में कोहराम मच गया।
खंड शिक्षा अधिकारी नरायनपुर जय कुमार यादव ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सहायक अध्यापक बासुदेव सिंह की असामयिक मृत्यु शिक्षा विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है।
वहीं कोतवाल रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दुखद घटना से पूरा शिक्षा जगत शोक में डूबा हुआ है।
(Udaipur Kiran) / गिरजा शंकर मिश्रा
