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नई दिल्ली, 9 दिसंबर (Udaipur Kiran) । प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट के मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सीपीआईएम ने सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप अर्जी दाखिल कर प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट का बचाव करते हुए कहा है कि यह संवैधानिक अधिनियम है, क्योंकि यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों को बरकरार रखता है तथा सभी नागरिकों के लिए समानता, गैर-बराबरी और भेदभाव से मुक्ति और धर्म की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट को लेकर कुल 6 याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें से विश्व भद्र पुजारी पुरोहित महासंघ, डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी, अश्विनी उपाध्याय और बाकी लोगों ने इस एक्ट को चुनौती दी है। वहीं जमीयत उलेमा ए हिंद की याचिका इस एक्ट के समर्थन में है।
(Udaipur Kiran) /संजय
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(Udaipur Kiran) / वीरेन्द्र सिंह
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