
पटना, 09 मार्च (Udaipur Kiran) । मिथिला को कमला नदी की बाढ़ से सुरक्षा के साथ-साथ मधुबनी जिले के बड़े इलाके में नहरों के जरिए सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा नेपाल सीमा पर स्थित जयनगर में अत्याधुनिक कमला बराज का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का करीब 56 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।
कमला नदी की बाढ़ से सुरक्षा तथा क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कमला वीयर सिंचाई योजना का कार्य वर्ष 1974-75 में कराया गया था। इसके तहत जयनगर में 292.50 मीटर लंबे कमला वीयर का निर्माण कराया गया था। कमला नदी में वर्ष 2019 में 13 जुलाई को आई अप्रत्याशित बाढ़ से हुए नुकसान के उपरांत, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान दिये गये निर्देशों के आलोक में, जल संसाधन विभाग द्वारा कमला वीयर से करीब 100 मीटर डाउनस्ट्रीम में 550 मीटर लंबे आधुनिक बराज के निर्माण की योजना तैयार की गई।
इस योजना को वर्ष 2020 में मंजूरी मिली और वर्ष 2021 में इसका कार्य प्रारंभ हुआ था।
कमला बराज का निर्माण होने से मधुबनी जिले के जयनगर, कलुआही, बासोपट्टी, लदनिया, खजौली और हरलाखी प्रखंडों के किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इस बराज में ऑटोमेटिक गेट लगाये जा रहे हैं, जिससे किसानों को नियंत्रित तरीके से सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा।
कमला वीयर सिंचाई योजना का कृष्य कमांड क्षेत्र (सीसीए) वर्तमान में 28384 हेक्टेयर है। कमला बराज का निर्माण कार्य पूर्ण होने और नहरों के पुनर्स्थापन के बाद इसका सीसीए बढ़ कर 29,559 हेक्टेयर हो जाएगा। इस बराज के निर्माण से मिथिला के बड़े इलाके में कमला नदी बाढ़ से सुरक्षा के साथ-साथ जयनगर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस तरह यह परियोजना बाढ़ प्रबंधन में सुधार, क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने और विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
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(Udaipur Kiran) / गोविंद चौधरी
