HEADLINES

वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ लोगों को भड़काने का षडयंत्र रच रहे हैं कांग्रेस-सपा व भू-माफिया: डॉ. सनवर पटेल

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल की पत्रकार-वार्ता
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल की पत्रकार-वार्ता

– वक्फ संपत्तियों के असली हकदार को हक दिलाने के लिए आया संशोधनः डॉ. सनवर पटेल

भोपाल, 3 अप्रैल (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल का सभी को स्वागत करना चाहिए और इस बिल का हर कोई स्वागत कर रहा है। इसका विरोध सिर्फ कांग्रेस और सपा जैसे राजनीतिक दल कर रहे हैं, जो मुस्लिमों के हितैषी नहीं हैं बल्कि उनका इस्तेमाल वोट बैंक की तरह करना चाहते हैं। इस बिल का विरोध ऐसे लोग भी कर रहे हैं जो वक्फ बोर्ड की आड़ में भू-माफिया बनकर मोटी कमाई कर रहे हैं। यही लोग देश की जनता को भड़काने का षडयंत्र रच रहे हैं।

डॉ. सनवर पटेल गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सहित देशभर के दो करोड़ लोगों से सुझाव लेने के बाद वक्फ संशोधन बिल लाया गया है। ऑनलाइन भी सुझाव लिए गए हैं। यह बिल वक्फ कानून की विसंगतियां दूर करने के साथ मुस्लिम समाज के गरीबों-महिलाओं और जरूरतमंदों के लिए अंत्योदय का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह बिल वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के असली हकदारों को उनका हक दिलाने के लिए लाया गया है। वक्फ बोर्ड के कामकाज में वक्फ संशोधन बिल पारदर्शिता लाएगा और वक्फ बोर्ड की आय भी बढ़ेगी। यह संशोधन विधेयक देश के भाईचारे और मुस्लिम समाज के हित व मुस्लिम समाज के जरूरतमंद लोगों के हक में है।

मुस्लिमों के हर वर्ग का होगा सशक्तीकरण

वक्फ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पटेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वर्ष 1995 में वक्फ एक्ट लाई थी और वर्ष 2013 में चुनाव से ऐन वक्त पहले कांग्रेस सरकार ने उसमें संशोधन किया। मुस्लिमों को वोट बैंक मानने वाली कांग्रेस को न मुस्लिम समाज की भलाई की चिंता थी और न वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता की फिक्र थी। मुस्लिम समाज के हितों के लिए मोदी सरकार वक्फ संशोधन बिल लाई है। मुस्लिमों में भी बोहरा, खानी, पसमांदा जैसे कई समाज हैं, लेकिन इन्हें वक्फ बोर्ड में कोई प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं था। यह मुस्लिम समाज के ही अंग हैं, जिनको वर्तमान वक्फ अधिनियम में कोई प्रतिनिधत्व नहीं था। डॉ. पटेल ने कहा कि इस बिल से इन वर्गों के साथ महिलाओं को भी वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिल सकेगा। इससे महिला सहित सभी वर्गों का सशक्तीकरण होगा। प्रस्तावित संशोधनों के बाद वक्फ बोर्ड को लगभग 12 हजार करोड़ की आय होने का अनुमान है और ये पैसे मुस्लिम समाज के ही काम आएगा।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्तमान में 15008 वक्फ संपत्तियां हैं। वर्ष 2020 में लागू पट्टा नियम के हिसाब से देखा जाए तो मध्य प्रदेश में वक्फ संपत्तियों से प्रति वर्ष को 100 करोड़ की आय होनी चाहिए, लेकिन कानून की विसंगतियों और कांग्रेस नेताओं के अवैध कब्जे के कारण वक्फ संपत्तियों से प्रतिवर्ष दो करोड़ की ही आय हो रही है। कानून में संशोधन के बाद वक्फ बोर्ड की आय बढ़ेगी, जिसका उपयोग गरीब मुस्लिमों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में खर्च होगा।

झूठ, भ्रम और विरोध की राजनीति करती है कांग्रेस

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पटेल ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह सकारात्मक सुझाव भी दे, हर बात का विरोध न करे। कांग्रेस हमेशा विचार-विमर्श से भागती रही है और विरोध की राजनीति करती है। आर्टिकल-370, ट्रिपल तलाक और जीएसटी के संबंध में संसद में जो विशेष सत्र आयोजित किए गए थे, कांग्रेस पार्टी इनमें भी शामिल नहीं हुई। राजनीति के लिए नए संसद भवन, सेंट्रल विस्टा का विरोध भी कांग्रेस का ऐसा ही कदम था। सीएए के बारे में कांग्रेस ने भ्रम फैलाया कि इससे मुस्लिमों की नागरिकता छिन जाएगी। कांग्रेस बताए कि बीते पांच सालों में कितने मुस्लिमों की नागरिकता छीनी गई है? अगर ये सच नहीं था, तो क्यों देश में डर और भ्रम का माहौल बनाया गया, क्यों शाहीन बाग हुआ और क्यों सड़कों पर चक्काजाम करके तथा रेलें रोककर आम जनता को परेशान किया गया?

सच्चर कमेटी की सिफारिशों का विरोध कर रही कांग्रेस

डॉ. सरवर पटेल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिमों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए वर्ष 2005 में सच्चर कमेटी का गठन किया था, जिसने वर्ष 2006 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। लेकिन कांग्रेस की सरकार इस रिपोर्ट को वर्ष 2014 यानी करीब 8 साल तक दबाकर बैठी रही, क्योंकि उसका उद्देश्य कभी भी मुस्लिमों का कल्याण नहीं रहा। प्रस्तावित वक्फ संशोधन बिल के अनुसार वक्फ बोर्ड और वक्फ ट्रिब्यूनल में सच्चर कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही काम होगा। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस पार्टी उस सच्चर कमेटी की सिफारिशों का ही विरोध करने लगी है, जिसका गठन उसकी ही सरकार ने किया था। पत्रकार वार्ता में भाजपा के प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एम एजाज खान, प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी, अजय सिंह यादव एवं पैनलिस्ट शिवम शुक्ला उपस्थित रहे।

(Udaipur Kiran) तोमर

Most Popular

To Top