
नई दिल्ली, 19 मार्च (Udaipur Kiran) । संसद में कांग्रेस नेताओं द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के संबंध में भ्रामक बयान देने पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का झूठ अब सड़क से सदन तक पहुंच गया है। कांग्रेस के लिए अब झूठ ही ऑक्सीजन बन चुका है। लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर में भी वे आधे-अधूरे तथ्यों के साथ भ्रामक बयान देने से नहीं हिचकिचाते। अभी सदन में कांग्रेस के नेताओं ने मनरेगा को लेकर गलत दावे किए, जबकि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘गरीबी मुक्त गांव’ हमारा संकल्प है और मनरेगा इसमें मील का पत्थर साबित हो रही है।
चौहान ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (महात्मा गांधी नरेगा) का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है एवं बजट आवंटन में भी वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2006-07 के लिए बजट आवंटन जहां 11,300 करोड़ रुपये था, वहीं 2013-14 में बढ़कर 33,000 करोड़ हो गया और पिछले 10 वर्षों में इसमें लगातार वृद्धि हुई है। चालू वित्त वर्ष का 86,000 करोड़ रु. का आवंटन बजट अनुमान चरण में अब तक का सबसे अधिक बजटीय आवंटन है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान परेशान लोगों की आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2020-21 में इस योजना के तहत रिकॉर्ड 1,11,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसी प्रकार, वित्त वर्ष 2006-07 से वित्त वर्ष 2013-14 के बीच सृजित कुल व्यक्ति दिवस 1660 करोड़ थे, जबकि वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच सृजित कुल व्यक्ति दिवस 3029 करोड़ रहे हैं, जो कि 2014 से पहले के दशक की तुलना में 82 प्रतिशत अधिक है। इस प्रक्रिया में, 2014-15 से 2024-25 तक के पिछले वर्षों में, केंद्र सरकार ने 7,81,302 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 8.07 करोड़ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है। जबकि 2006-07 से 2013-14 तक के पिछले दशक में केवल 2,13,220 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप 1.53 करोड़ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ था।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में, सरकार के बढ़ते प्रयासों से ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो कि जियोटैग की गई और बेहतर गुणवत्ता वाली ग्रामीण परिसंपत्तियों में 526 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि से स्पष्ट है। एक और बड़ी सफलता मिशन अमृत सरोवर के रूप में मिली है, जिसके कारण पहले चरण में देश में 68,000 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए हैं। वर्तमान में, मिशन अमृत सरोवर के दूसरे चरण को सामुदायिक भागीदारी, जनभागीदारी, के साथ जल उपलब्धता पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करते हुए शुरू किया गया है।
शिवराज सिंह ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों के लिए आजीविका के अवसरों में सुधार लाने पर सरकार का ध्यान व्यक्तिगत परिसंपत्तियों के निर्माण में वित्त वर्ष 2013-14 में 17.6 प्रतिशत से वित्त वर्ष 2024-25 में 56.99 प्रतिशत तक की पर्याप्त वृद्धि में देखा जा सकता है। यह कहना गलत है कि एबीपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) या एनएमएमएस (राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली) चुनौतीपूर्ण है| उदाहरण के लिए, एबीपीएस बेहतर लक्ष्यीकरण, प्रणाली की दक्षता बढ़ाने और बैंक खाते में बार-बार बदलाव के कारण होने वाले भुगतान में देरी को कम करने में मदद करता है आज की तारीख तक, मनरेगा के तहत 13.45 करोड़ (99.49 प्रतिशत) सक्रिय श्रमिकों के लिए आधार सीडिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि 2014 में केवल 76 लाख श्रमिकों के लिए आधार सीडिंग की गई थी।
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(Udaipur Kiran) / विजयालक्ष्मी
