Maharashtra

नागपुर दंगे को लेकर कांग्रेस ने की फडणवीस के इस्तीफे की मांग

मुंबई, 18 मार्च (हि.सं.)। नागपुर दंगे को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कांग्रेस ने आलोचना की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि यदि नागपुर दंगों के मामले में पुलिस की खुफिया जानकारी विफल रही और पुलिस पर हमले हो रहे हैं, तो फडणवीस को गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

मुंबई में पार्टी के तिलक भवन कार्यालय में प्रेस वार्ता रो संबोधित करते हुए लोंढे ने कहा कि नागपुर शहर एक शांतिप्रिय शहर है। हिंदू और मुसलमान दोनों शांति से रहते आए हैं। रामनवमी में दोनों समुदायों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। वहीं ताजुद्दीन बाबा के उरुसा में हिंदू और मुसलमान एक साथ शामिल होते हैं। वहां धार्मिक दंगे कैसे हो सकते हैं? क्या सरकार को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी? यह सरकार की विफलता है। यह घटना मध्य नागपुर में घटी, जहां केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का घर है। स्थानीय भाजपा विधायक प्रवीण दटके अगर पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं तो उनकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। नागपुर की घटना राज्य के बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं, महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं जारी हैं, कृषि उत्पादों का मूल्य नहीं मिल रहा है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी और महंगाई बढ़ गई है। लोढ़े ने नागपुर निवासियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों का शिकार न होने की अपील की है।

लोंढे ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने औरंगजेब के शासन की तुलना फडणवीस सरकार से की, लेकिन इसे तोड़-मरोड़ कर सपकाल की आलोचना की जा रही है। सपकाल के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग करने वाले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने क्या प्रशांत कोरटकर और राहुल सोलापुरकर का विरोध किया था जब उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया था? क्या शिंदे ने लगातार भड़काऊ बयान देनेवाले मंत्री नितेश राणे के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की कभी मांग की? क्या शिंदे में उस भाजपा सांसद के खिलाफ विरोध करने का साहस है जिसने यह कहकर छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले जन्म में छत्रपति शिवाजी महाराज थे?

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(Udaipur Kiran) / वी कुमार

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