




अमेठी, 24 मार्च (Udaipur Kiran) । जिले के गौरीगंज स्थित बेसिक शिक्षा विभाग में चार करोड़ रुपये से अधिक सरकारी धन के गबन का मामला सोमवार को प्रकाश में आया है। इसमें कनिष्ठ लेखा लिपिक के अलावा कई लोग शामिल हैं। जिलाधिकारी निशा अनंत ने मामले का संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए हैं। पांच लाेगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
बेसिक शिक्षा के वित्त एवं लेखाधिकारी अमेठी किशन गुप्ता ने बताया कि कार्यालय में कनिष्ठ लेखा लिपिक के पद पर तैनात मनोज कुमार मालवीय ने जनवरी 2024 से अक्टूबर 2024 के मध्य लगभग चार करोड़ रुपये से अधिक सरकारी धन का गबन किया है। उनके साथ इस भ्रष्टाचार में ब्लॉक क्वालिटी कोऑर्डिनेटर अभिषेक सिंह, शिवम कुमार पांडेय ब्लॉक एमआईएस कोऑर्डिनेटर, श्रवण कुमार द्विवेदी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और प्राथमिक विद्यालय के ही अध्यापक शैलेश चंद्र शुक्ला शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अवशेष देयकों के नाम पर यह पैसा विभिन्न खातों में भेजा जाता था। इस मामले में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी निशा अनंत ने त्रिस्तरीय टीम बनाकर इस प्रकरण की विस्तृत जांच कराई। लगभग चार करोड़ रुपये से अधिक के गबन की पुष्टि हुई है।
एडीएम न्यायिक अध्यक्ष जांच समिति के अनुसार, मनोज कुमार मालवीय ने गबन को सुनियोजित और कूट रचित तरीके से अंजाम दिया है। शिवम कुमार पांडेय के एचडीएफसी के खाते में करीब एक करोड़ 34 लाख रुपये, अभिषेक सिंह के केनरा बैंक 54 लाख 26 हजार 273 रुपये ,शैलेश चंद्र शुक्ला के स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा दीवानगंज के खाते में 47 लाख 42 हजार 520 रुपये, श्रवण कुमार द्विवेदी के बैंक ऑफ़ बड़ौदा उत्तर प्रदेश के खाता वारिसगंज के खाते में 77 लाख 6260 रुपये राजकोषीय धन का अविधिक रूप से अंतरण किया गया है। यह धनराशि कार्यालय के कर्मचारियों और कुछ शिक्षकों के खाते में ट्रांसफर की गई है।
इसके बाद सरकारी कर्मचारियों को निलम्बित करते हुए संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। सभी पांचों लोगों के खिलाफ गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
(Udaipur Kiran) / लोकेश त्रिपाठी
