मुंबई, 19 मार्च (Udaipur Kiran) । सोशल मीडिया पर अफसरशाही का रौब झाड़ने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर महाराष्ट्र सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए साल 1979 के सेवा शर्तो में संशोधन कर नए नियम लागू किए जाएंगे। इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में घोषणा की।
सदन में विधायक डॉ. परिणय फुके ने ध्यानाकर्षण सूचना के तहत सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की सोशल मीडिया पर बढ़ रही सक्रियता को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी- कर्मचारी रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से यह छवि बनाई गई है कि जिला कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक या पुलिस इंस्पेक्टर ही पूरे क्षेत्र के सभी मामलों की देखरेख करते हैं। वे ही राज्य को चलाते हैं। उनके सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत पिछले तीन वर्षों में कितने कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है? अधिकारियों और कर्मचारियों की पोस्ट व रीलें अक्सर सरकार की बदनामी भी कराती हैं। क्या सरकार इस पर नियंत्रण के लिए नया कानून बनाएगी या मौजूदा कानून में संशोधन करेगी?
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(Udaipur Kiran) / वी कुमार
