
-महिला दिवस पर विशेषपटना, 7 मार्च (Udaipur Kiran) । बेटियों को अगर उचित मौका मिले तो वे ऊंची उड़ान भी भर सकती हैं। राज्य सरकार के प्रयासों से महिला खिलाड़ियों को कई स्तर पर सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी बदौलत महिला खिलाड़ी अपने जज़्बे, मेहनत और प्रतिभा से नए आयाम गढ़ रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारी बेटियों की धाक जम रही हैं। यह साबित कर रही हैं कि सफलता सिर्फ संकल्प और समर्पण की मोहताज होती है।
बिहार की महिला खिलाड़ी लॉन बॉल्स, तीरंदाजी, भारोत्तोलन, साइकिलिंग, हॉकी, ताइक्वांडो या हर खेल में चमक बिखेर रही हैं। उनका यह प्रदर्शन न सिर्फ राज्यवासियों को गौरवान्वित कर रहा है, बल्कि अगली पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों के लिए मील का पत्थर भी साबित हो रहा है।
38वें राष्ट्रीय खेलों में बिहार की बेटियों का शानदार प्रदर्शनहाल में उत्तराखंड में संपन्न हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में बिहार ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। बिहार ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 12 पदक, जिसमें 1 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य शामिल हैं। इसमें लॉन बॉल्स में महिला टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
विश्वकप में निशाना लगाएगी अंशिकातीरंदाजी में बिहार की अंशिका कुमारी ने रजत पदक जीता है। अंशिका का ये पदक इसलिए भी खास है, क्योंकि उसने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में भारतीय तीरंदाजी की दिग्गज दीपिका कुमारी के साथ कड़े मुकाबले में जीता है। बिहार की अंशिका कुमारी को आगामी तीरंदाजी विश्व कप, 2025 के लिए भारतीय सीनियर तीरंदाजी टीम में शामिल किया गया है।
महिला रग्बी टीम ने ओडिशा के खिलाफ कड़े मुकाबले में रजत पदक जीता और योगासन में भी बिहार ने रजत पदक पर कब्जा किया। बिहार की बेटियों की जीत का यह शानदार सफर नेशनल गेम तक ही सीमित नहीं है। ब्रह्मपुर, ओडिशा में आयोजित अश्मिता खेलो इंडिया महिला राष्ट्रीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप में बिहार की खुशबू कुमारी ने अद्भुत प्रदर्शन किया। जूनियर और सीनियर महिला वर्ग में स्नैच 75 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क 71 किलोग्राम भार वर्ग में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। शालिनी ने भी अश्मिता खेलो इंडिया चैंपियनशिप में बेहतरीन खेल दिखाते हुए जूनियर वर्ग में रजत पदक पर कब्जा जमाया।
68वीं नेशनल स्कूल गेम्स साइकिलिंग (रोड) चैम्पियनशिप में बिहार की बेटियां शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें सुहानी ने रजत पदक, जबकि अमृता, शालिनी और सुप्रिया ने कांस्य पदक जीते हैं।
पीटी उषा कर चुकी है बिहार की बेटियाें की प्रशंसाभारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और अपने जमाने की उड़नपरी के नाम से विख्यात पीटी उषा भी अपने बिहार दौरे के दौरान प्रदेश की महिला खिलाड़ियों की प्रशंसा कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि बिहार की महिला खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैंं।
बिहार के महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन को जाता है। सरकार की नीतियों का नतीजा है कि खेल विभाग खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर गंभीर है। विभाग विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और अवसर व्यवस्था कर रहा है। इससे खिलाड़ियों की प्रतिभा निखर कर समाने आ रही है। बिहार की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय फलक पर परचम लहरा रही हैं। तभी तो हमारी बेटियां कह रही हैं- “उसे गुमां है कि मेरी उड़ान कुछ कम है, मुझे यकीं है कि ये आसमान कुछ कम है’।
बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्र शंकरन ने शुक्रशार काे मीडिया से कहा कि महिला दिवस के अवसर पर राज्य की महिला खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प को सलाम। वो हर बाधाओं को तोड़कर खेल की दुनिया में सफलता हासिल कर रही हैं। हम ‘सिंपली पीरियड्स’ जैसे मददगार पहल के द्वारा एक अनुकुल वातावरण बना रहे हैं, ताकि ‘मासिक धर्म’ जैसी स्वास्थ्य से जुड़ी चीजें एक सामाजिक बाधा ना बने। हमारी प्रतिबद्धता खेल के मैदान और खेल के बाहर भी नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा। बिहार स्पोर्ट्स अथॉरिटी आपके शानदार सफर में आपके साथ है। आप इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते रहें, आगे बढ़ते रहें।
—————
(Udaipur Kiran) / गोविंद चौधरी
