गुवाहाटी, 25 मार्च (Udaipur Kiran) । असम के राजनीतिक नेताओं ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें एक ऐसे राजनेता के रूप में याद किया, जिन्होंने विनम्रता और दूरदर्शी नेतृत्व का अद्भुत संतुलन बनाया। सिंह को भारत के आर्थिक उदारीकरण के मुख्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है।
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सिंह की पुण्यतिथि पर उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, उनकी विनम्रता, ईमानदारी और आर्थिक सुधारों में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मनमोहन सिंह के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए उनकी सादगी और विद्वत्ता की सराहना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, डॉ. सिंह ने कभी सत्ता के प्रभाव को अपने आचरण पर हावी नहीं होने दिया। उनकी बुद्धिमत्ता और शालीनता ने हर किसी को प्रभावित किया। सरमा ने भारत को बाजार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में उनकी भूमिका की भी सराहना की।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सिंह के आर्थिक सुधारों में नेतृत्व को स्वीकार करते हुए कहा, वे एक महान विद्वान और राजनेता थे, जिन्होंने भारत की वित्तीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
असम कांग्रेस ने सिंह को दृढ़ निष्ठा और समर्पण वाला नेता बताते हुए कहा, उनकी दूरदृष्टि और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
भाजपा, राइजर दल और असम जातीय परिषद सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने सिंह की आर्थिक नीतियों की सराहना की। असम भाजपा इकाई ने विशेष रूप से लाइसेंस राज को समाप्त करने और आर्थिक उदारीकरण की राह खोलने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
मनमोहन सिंह ने 28 वर्षों तक राज्यसभा में असम का प्रतिनिधित्व किया और राज्य के लोग उनके योगदान को हमेशा संजो कर रखेंगे। उनका निधन भारतीय राजनीति और आर्थिक नेतृत्व के एक युग का अंत है।
(Udaipur Kiran) / श्रीप्रकाश
