
कोलकाता, 27 मार्च (Udaipur Kiran) । बेटे पर पिता की मौत के बाद उनकी जगह नौकरी मिलते ही अपनी वृद्ध मां को घर से निकालने का आरोप लगा है। असहाय वृद्धा ने न्याय की गुहार लगाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग महिला ने गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति चैताली चटर्जी (दास) की खंडपीठ का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
पीड़ित वृद्धा के अनुसार, उनके पति सरकारी कर्मचारी थे। कुछ समय पहले ही उसके बेटे को वह नौकरी मिली थी। नौकरी मिलने के बाद बेटे ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। वह गत 13 दिनों से घर से बाहर रह रही हैं।
वृद्धा ने यह भी दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं इसीलिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
वृद्धा की शिकायत सुनने के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने पूछा कि क्या उनके पास कोई वकील है। वृद्धा ने कहा ‘नहीं’। अब उच्च न्यायालय की कानूनी सहायता सेवा (लीगल एड सर्विसेस) की तरफ से उन्हें एक वकील उपलब्ध कराया जाएगा जिसके बाद मामले की सुनवाई होगी।
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(Udaipur Kiran) / गंगा
