Bihar

रक्सौल में तीन रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मिली स्वीकृति

रक्सौल के रेलवे फाटक जहां आरओबी की स्वीकृति मिली है

पूर्वी चंपारण,22 मार्च (Udaipur Kiran) । जिले के रक्सौल में रेलवे गुमटी संख्या 33, 34 और 18 पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की स्वीकृति मिली है। इसकी सूचना से स्थानीय लोगों में खुशी व्याप्त है।उल्लेखनीय है,कि भारत-नेपाल की सीमा से जुड़े इस शहर के रेलवे के फाटक संख्या 33 व 34 पर पुल बनाने की मांग पिछले दो दशक से हो रही थी। लोगों का मानना है कि यह ओवरब्रिज उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। खासकर रेलवे गुमटी संख्या 33, जो बेहद व्यस्त फाटक है, वहां आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी।

ओवरब्रिज की स्वीकृति मिलने की जानकारी शनिवार को रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी और बताया कि सांसद डॉ संजय जायसवाल के अथक प्रयास से ही इन फाटकों पर ओवरब्रिज बनने की मंजूरी मिली है।बता दे कि फाटक संख्या 33 व 34 का शिलान्यास 21 साल पहले 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था। उस समय भी गुमटी पर ट्रैफिक का दबाव था, लेकिन आज स्थिति और भी विकट हो गई है। रोज़ाना इस रेलवे फाटक पर हजारों वाहनों की लंबी कतार लगती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने से लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा। विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि इस पुल का निर्माण रेलवे द्वारा कराया जाएगा।

रेल मंत्री ने दी हरी झंडी

ओवरब्रिज निर्माण को लेकर अंतिम स्वीकृति तब मिली जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हाल ही में बेतिया आए थे। इस दौरान स्थानीय सांसद डॉ. संजय कुमार जायसवाल और विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने उनसे आग्रह किया कि रक्सौल में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र कराया जाए। इसके बाद रेल मंत्री ने पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि इस मामले को प्राथमिकता दी जाए और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं।

राजनीतिक हलचल भी तेज़

इस स्वीकृति को लेकर राजनीति भी गर्म हो गई है। प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि चुनाव से पहले दोनों ओवरब्रिज का शिलान्यास हो जाएगा।

(Udaipur Kiran) / आनंद कुमार

Bihar

रक्सौल में तीन रेलवे ओवरब्रिज बनाने की मिली स्वीकृति

रक्सौल के रेलवे फाटक जहां आरओबी की स्वीकृति मिली है

पूर्वी चंपारण,22 मार्च (Udaipur Kiran) । जिले के रक्सौल में रेलवे गुमटी संख्या 33, 34 और 18 पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की स्वीकृति मिली है। इसकी सूचना से स्थानीय लोगों में खुशी व्याप्त है।उल्लेखनीय है,कि भारत-नेपाल की सीमा से जुड़े इस शहर के रेलवे के फाटक संख्या 33 व 34 पर पुल बनाने की मांग पिछले दो दशक से हो रही थी। लोगों का मानना है कि यह ओवरब्रिज उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। खासकर रेलवे गुमटी संख्या 33, जो बेहद व्यस्त फाटक है, वहां आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी।

ओवरब्रिज की स्वीकृति मिलने की जानकारी शनिवार को रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी और बताया कि सांसद डॉ संजय जायसवाल के अथक प्रयास से ही इन फाटकों पर ओवरब्रिज बनने की मंजूरी मिली है।बता दे कि फाटक संख्या 33 व 34 का शिलान्यास 21 साल पहले 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था। उस समय भी गुमटी पर ट्रैफिक का दबाव था, लेकिन आज स्थिति और भी विकट हो गई है। रोज़ाना इस रेलवे फाटक पर हजारों वाहनों की लंबी कतार लगती है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने से लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा। विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि इस पुल का निर्माण रेलवे द्वारा कराया जाएगा।

रेल मंत्री ने दी हरी झंडी

ओवरब्रिज निर्माण को लेकर अंतिम स्वीकृति तब मिली जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हाल ही में बेतिया आए थे। इस दौरान स्थानीय सांसद डॉ. संजय कुमार जायसवाल और विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने उनसे आग्रह किया कि रक्सौल में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र कराया जाए। इसके बाद रेल मंत्री ने पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि इस मामले को प्राथमिकता दी जाए और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं।

राजनीतिक हलचल भी तेज़

इस स्वीकृति को लेकर राजनीति भी गर्म हो गई है। प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि चुनाव से पहले दोनों ओवरब्रिज का शिलान्यास हो जाएगा।

(Udaipur Kiran) / आनंद कुमार

Most Popular

To Top