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आमेर शिला माता मंदिर में मंत्रोचार के साथ होगी घटस्थापना

आमेर शिला माता मंदिर में मंत्रोचार के साथ होगी घटस्थापना

जयपुर, 20 मार्च (Udaipur Kiran) । आमेर के ऐतिहासिक शिला माता मंदिर में 30 मार्च रविवार से चैत्र नवरात्रा प्रारंभ होंगे। प्राचीन शिला माता मंदिर में सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर विधि-विधान से घट स्थापना की जाएगी। जिसके पश्चात 7 बजकर 35 मिनट के बाद भक्तों के लिए दर्शन शुरु होंगे और भक्तों का मंदिर प्रांगण में सैलाब उमडे़गा। दूर-दूर से भक्त अपनी मनोकामनाएं लिए माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचेगे। जिसमें कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए ,तो कोई हाथ में ध्वज लिए माता रानी के दरबार में धोक लगाएंगे।

इस तरह होगी नौ देवियों की नौ दिन पूजा-अर्चना

मंदिर के पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि 30 मार्च को पहले नवरात्रे पर विधि -विधान से मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। दूसरे नवरात्र को ब्रह्मचारिणी माता, तीसरे नवरात्र को चंद्रघंटा माता, चौथे नवरात्र को कुषमांडा माता, पांचवें नवरात्रा को स्कंदमाता, छठे नवरात्र को कात्यायनी माता, सातवें नवरात्र को कालरात्रि माता, आठवें नवरात्र को महागौरी माता और नवें व आखिरी नवरात्र को सिद्धिदात्री माता की पूजा की जाएगी।

पूर्व राज परिवार की ओर से माता रानी को चढ़ाई जाएगी पोशाक , प्रसादी के लिए होगा भंडारे के आयोजन

बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि माता के भक्तों के लिए आमेर महल में विशेष व्यवस्थाएं की गई है. प्रसादी के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। वहीं श्रद्धालुओं की छाया के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है। नवरात्रों में प्रतिदिन दुर्गा सप्तमी का पाठ और हवन किया जाएगा। नवरात्रों में पूर्व राज परिवार की ओर से माता रानी की पोशाक चढ़ाई जाएगी और रोजाना आभूषणों का विशेष श्रंगार किया जाएगा।

ये रहेगा पूजा-अर्चना का समय

मंदिर के पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने बताया- 30 मार्च रविवार से चैत्र नवरात्रा प्रारंभ होंगे। शिला माता मंदिर में 30 मार्च को सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर मंत्रोचार के साथ घट स्थापना होगी। इसके बाद सुबह 7 बजकर 35 मिनट से से श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। 3 अप्रेल को आमेर में छठ का मेला भरेगा। 4 अप्रेल शुक्रवार को रात 10 बजे निशा पूजा होगी। 5 अप्रेल शनिवार को शाम 4 बजकर 30 मिनट पर पूर्णाहुति होगी। 7 अप्रेल को सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर उत्थापना होगी। नवरात्रों के दौरान दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से शाम 4 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे। पहले नवरात्रे से लेकर आखरी नवरात्रा तक रोजाना सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट और शाम 4 बजे से रात साढ़े 8 बजे तक भक्तों को दर्शन होंगे। नवरात्रों में रोजाना बाल भोग सुबह 8 बजे से 8 बजकर 15 मिनट बजे और प्रातः आरती 10 बजे होगी। संध्या आरती शाम 6 बजकर 45 मिनट पर होगी। रात्रि भोग रात 7 बजकर 45 मिनट से 8 बजे तक होगा और शयन आरती रात्रि साढ़े 8 बजे होगी।

सीसीटीवी से होगी विशेष निगरानी, हाथी सवारी पूर्णता बंद

आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। आमेर महल में नवरात्र के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से अतिरिक्त होमगार्ड तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है। नवरात्र के दौरान सुबह 8 से शाम साढ़े 5 तक की महल में पर्यटकों का प्रवेश रहेगा।पर्यटकों के लिए टिकट की व्यवस्था सिंहपोल गेट पर की गई है। इस दौरान पर्यटन और हाथी सवारी बंद रहेगी। इस दौरान पर्यटक हाथी गांव में हाथी सवारी कर सकेंगे।

राजा मानसिंह युद्व में जीत कर लाया थे माता रानी की प्रतिमा

गौरतलब है कि आमेर महल में स्थित शिला माता मंदिर एक ऐतिहासिक मंदिर है। इस मंदिर की प्रतिमा को राजा मानसिंह युद्ध में जीत कर लाए थे। पुरातत्व विभाग के मुताबिक इस प्रतिमा को बंगाल से लाया गया था। मंदिर का मुख्य द्वार चांदी का बना हुआ है। इस पर नवदुर्गा शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि एवं सिद्धिदात्री के चित्र तराशे हुए हैं।

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(Udaipur Kiran)

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