
-रात 9 बजे बार अध्यक्ष के आवास पर होगी कार्यकारिणी की मीटिंग
प्रयागराज, 28 मार्च (Udaipur Kiran) । इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर चौथे दिन शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। इसके चलते अदालतों में कोई न्यायिक कार्य नहीं हुआ। सुबह चीफ जस्टिस की बेंच समेत अन्य न्यायाधीश अदालतों में बैठे परन्तु वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते सभी जज कोर्ट से उठकर अपने-अपने चैंबर्स में चले गए। वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए वादकारियों को वापस लौटना पड़ा।
बार एसोसिएशन ने आज जारी विज्ञप्ति में कहा है कि रात 9 बजे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अनिल तिवारी के आवास पर एक मीटिंग बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी की बुलाई गई है। इसमें आगे आन्दोलन को लेकर कुछ बड़ा निर्णय लिया जाएगा। केन्द्र सरकार ने कैश कांड को लेकर विवादों में फंसे दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादला की सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश को आज मंजूरी दे दी है। अब जस्टिस वर्मा कभी भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में आकर शपथ ग्रहण करेंगे और यहां के जज बन जाएंगे। जस्टिस वर्मा के साथ ही केन्द्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक अन्य जज जस्टिस सीडी सिंह के तबादले का भी सुप्रीम कोर्ट की पूर्व से लम्बित सिफारिश पर मंजूरी दे दी है। अब दिल्ली हाईकोर्ट से दोनों जज इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज होंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अपनी जारी विज्ञप्ति में प्रस्ताव पारित कर जिन चार सूत्रीय मांगों को लेकर आन्दोलन किया है, उनमें सबसे पहली मांग है कि कैश कांड में विवादित जज जस्टिस यशवंत वर्मा का इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादला की सिफारिश वापस ली जाय। दूसरी मांग है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों के लड़के और उनके रिश्तेदारों की प्रैक्टिस में आने पर ऐसे जजों का तबादला कहीं अन्यत्र किया जाय। तीसरी मांग है कि हाईकोर्ट में केसों के लिस्टिंग की समस्या दूर की जाए तथा चौथी मांग है कि जो मुकदमे पहले दाखिल हों, उनकी सुनवाई पहले की जाए।
बहरहाल, कैश कांड में फंसे दिल्ली हाईकोर्ट जज यशवंत वर्मा के यहां के वकीलों के विरोध के बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट में तबादले की सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश को केन्द्र सरकार ने स्वीकार कर आज अधिसूचना जारी कर दी है। इसे लेकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के आवास पर शाम को बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई गई है जिसमें आगे आन्दोलन को लेकर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे
