
किश्तवाड़, 24 मार्च (Udaipur Kiran) । जम्मू और कश्मीर राष्ट्रीय सम्मेलन के वरिष्ठ नेता चेनाब घाटी क्षेत्र के प्रवक्ता अजीत भगत ने कहा कि चेनाब घाटी क्षेत्र के किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों में मनरेगा योजना के लिए उपस्थिति रिकॉर्ड फर्जी प्रतीत होते हैं जिससे सरकारी धन का काफी दुरुपयोग होता है जिसमें बिना किसी प्रगति के पर्याप्त राशि खर्च की जाती है। इस योजना के तहत वास्तव में पूरा किए गए कार्यों का पता लगाने के लिए एक गहन सीबीआई जांच की आवश्यक है।
भगत ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि क्षेत्र के भुगतान उन मजदूरों को तुरंत जारी किए जाएं जिन्होंने वास्तव में अपना काम पूरा किया है। उन्होंने कहा कि अपने दायित्वों को पूरा करने में विफल रहने के लिए ठेकेदारों को जवाबदेह ठहराएं । भविष्य में अनियमितताओं को रोकने के लिए परियोजना की आवश्यकताओं का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के उपाय लागू करें।
उन्होंने अपील की कि परियोजना में शामिल ठेकेदारों की गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ ठेकेदारों ने कई आवश्यक सामग्री प्राप्त करने के बावजूद आवश्यक सामग्री नहीं पहुंचाई है। विशेष रूप से भगत ने कहा कि ठेकेदारों की गतिविधियों की गहन सीबीआई जांच से कथित अनियमितताओं के पीछे की सच्चाई को उजागर करने में मदद मिलेगी और यह सुनिश्चित होगा कि जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए।
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(Udaipur Kiran) / रमेश गुप्ता
