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हरिद्वार, 26 जुलाई (Udaipur Kiran) । निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के विरुद्ध अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को पत्र देने और उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनको आचार्य पद से हटाने की मांग पर एडवोकेट अरुण भदौरिया ने हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज को कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में कहा गया कि स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज के विरुद्ध आचरण, व्यवहार, सनातन परंपरा के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाते पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि जब से अखाड़े के आचार्य बने तभी से सनातन संस्कृति के विपरीत गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। पत्र में स्वामी कैलाश आनंद गिरि को गलत मुकदमा में होने का आरोप लगाते हुए आचार्य महामंडलेश्वर के पद से हटाए जाने की मांग की है।
आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि के शिष्य अरुण भदोरिया ने महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद महाराज के विरुद्ध कानूनी नोटिस प्रेषित करके बताया है कि दक्षिण काली पीठ सिद्ध पीठ मंदिर में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के द्वारा प्रतिदिन भंडारा और अन्य सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों का आयोजन होता है। उनका पूजा, अनुष्ठान भी विशेष रहता है। ऐसे में स्वामी कैलाशानंद गिरि के खिलाफ लगाए गए आरोपों से वह आहत है। स्वमी कैलाशानंद गिरि से उनकी धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं।
नोटिस में अरुण भदोरिया ने यह भी कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि पर जो आरोप महामण्डलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने लगाए हैं, उनके संबंध में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रबोधानंद किसी साजिश व षड्यंत्र के तहत आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को खराब कर रहे हैं। स्वामी कैलाशानंद महाराज जो पूर्व में अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर रह चुके हैं वे महान तपोनिष्ट, मां काली के परम भक्त व भगवान भोलेनाथ की कठोर तपस्या करते हैं। भदौरिया ने स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज को अपनी बातों व पत्र का खंडन कर माफी मांगने और ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध न्यायालय में फौजदारी वाद दायर करने की बात लिखी है।
(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला / वीरेन्द्र सिंह
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