
नई दिल्ली, 28 मार्च (Udaipur Kiran) । अपने आवास से कैश मिलने के बाद विवादों में आये दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा से अब प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी वापस ले ली गई हैं। इससे पहले हाई कोर्ट ने जस्टिस वर्मा से न्यायिक जिम्मेदारियां वापस ले ली थीं।
जस्टिस यशवंत वर्मा हाई कोर्ट की प्रशासनिक कमेटियों के सदस्य थे। हाई कोर्ट ने नये सिरे से प्रशासनिक कमेटियों का गठन किया है जिसमें जस्टिस यशवंत वर्मा नहीं हैं। जस्टिस वर्मा पहले 14 कमेटियों के सदस्य थे।
जस्टिस वर्मा के आवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद पूरी न्यायपालिका और राजनीतिक हलकों में भूचाल आ गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी के गठन का आदेश दिया था। कमेटी में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाई कोर्ट के जज जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं। कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा का दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने की अनुशंसा की है। कॉलेजियम के इस फैसले के खिलाफ 27 मार्च को देश के कुछ हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने चीफ जस्टिस और कॉलेजियम के सदस्य जजों से मुलाकात कर इस फैसले को वापस लेने की मांग की थी।
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(Udaipur Kiran) / पवन कुमार
