RAJASTHAN

अपर महानिदेशक सीमा सुरक्षा बल ने किया जैसलमेर के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र का दौरा

अपर महानिदेशक, (पश्चिम कमाण्ड) सीमा सुरक्षा बल, चंडीगढ़ ने किया जैसलमेर के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र का दौरा

जैसलमेर, 26 अक्टूबर (Udaipur Kiran) । सीमा सुरक्षा बल के अपर महानिदेशक (पश्चिम कमाण्ड) सतीश एस खंडारे ने राजस्थान फ्रंटियर जोधपुर के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन जैसलमेर सेक्टर (दक्षिण) में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा चौकियों का दौरा किया। वहां उपमहानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल, जैसलमेर (दक्षिण) विक्रम कुंवर और कार्यवाहक कमांडेंट 108वीं वाहिनी संतोष कुमार ने उनका स्वागत किया। उपमहानिरीक्षक और कार्यवाहक कमांडेंट ने अपर महानिदेशक को जैसलमेर बॉर्डर के मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य, सीमा प्रबंधन की जटिलताओं और सीमा पर हो रहे विभिन्न ऑपरेशनल गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर महानिरीक्षक फ्रंटियर राजस्थान एम एल गर्ग, उपमहानिरीक्षक (जी) सीमा सुरक्षा बल ,जोधपुर विदुर भारद्वाज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अपर महानिदेशक ने सीमा चौकी पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और उनकी कठिन सेवा की सराहना की। इसके बाद उन्होंने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित महिला सीमा चौकी का दौरा किया। यह चौकी पूरी तरह से महिला जवानों द्वारा संचालित है। उन्होंने महिला जवानों के साहस की सराहना की ,साथ ही उनके बीच मिठाई बांटकर उन्हें दीवाली शुभकामनाएं दीं और सीमा व देश की सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान की प्रशंसा की।

अपने दौरे के दौरान, अपर महानिदेशक ने जैसलमेर (दक्षिण) सेक्टर के सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यों के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। एम एल गर्ग और विक्रम कुंवर ने बॉर्डर डोमिनेशन को सुदृढ़ करने और जवानों के कल्याण के लिए किए जा रहे उपायों का ब्यौरा दिया, जिसे अपर महानिदेशक ने सराहा।

इससे पहले दौरे के पहले दिन जोधपुर में, अपर महानिदेशक ने बीएसएफ रेजिंग डे समारोह की तैयारियों का भी जायजा लिया था, अधिकारियों ने समारोह की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। तैयारियों से संतुष्ट होकर उन्होंने टीम की मेहनत की सराहना की और कहा कि रेजिंग डे एक महत्वपूर्ण अवसर है जो बल की गौरवशाली विरासत और बलिदानों को सम्मानित करने का प्रतीक है।

अपर महानिदेशक ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल देश की पहली रक्षा पंक्ति है। बीएसएफ के अधिकारी और जवान पूरी सतर्कता और प्रतिबद्धता के साथ सीमा की सुरक्षा में तैनात हैं और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले इन जवानों पर न केवल बीएसएफ बल्कि पूरा देश गर्व करता है।

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(Udaipur Kiran) / चन्द्रशेखर

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