मंडी, 26 मार्च (Udaipur Kiran) । मंडी जिले में अब तक के सबसे बड़े चिट्टा तस्करी मामले में अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश मंडी-1 ने आरोपी सुभाष चंद पुत्र सीता राम निवासी गांव धौण कोठी तहसील सदर जिला बिलासपुर को 10 साल की कठोर सजा और एक लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त 3 साल की सजा भुगतनी होगी।
मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी मंडी एवं विशेष लोक अभियोजक विनोद भारद्वाज ने बताया कि 17 दिसंबर 2023 को विशेष अन्वेषण इकाई मंडी ने पुंघ (सुंदरनगर) में नाका लगाया था, जहां सभी आने-जाने वाली गाड़ियों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान सलापड़ से मंडी की ओर आ रही एक निजी वॉल्वो बस को चेकिंग के लिए रोका गया। बस में सवार एक व्यक्ति ने पुलिस को देखकर घबराहट दिखाई और पूछताछ पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
व्यक्ति की गोद में एक पिट्ठू बैग था जिसकी तलाशी लेने पर उसमें कुछ निजी सामान जैसे टोपी, कपड़े और एक हैंड बैग मिला। बैग के अंदर एक प्लास्टिक पाउच था जिसे खोलने पर उसमें बतीनुमा मटमैला पदार्थ पाया गया। ड्रग डिटेक्शन किट से जांच करने पर यह पदार्थ हेरोइन पाया गया, जिसका कुल वजन 258 ग्राम था, जो बाद में न्यायिक प्रयोगशाला में 249 ग्राम मापकर पुष्टि किया गया।
इस मामले में अन्वेषण पूरा होने के बाद थाना अधिकारी ने मामले का चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रारंभिक परीक्षण के बाद मामले को विशेष न्यायाधीश मंडी-1 के पास भेजा गया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 21 गवाह पेश किए। सजा सुनाते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और अभियोजन पक्ष ने यह दलील दी कि यह अपराध समाज के खिलाफ है जो युवा पीढ़ी को नशे की ओर धकेल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी से बरामद चिट्टा इतनी बड़ी मात्रा में था कि इससे लगभग 2500 लोगों को नशे की लत लग सकती थी।
जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने कहा कि चिट्टा जैसे नशे से युवा पीढ़ी को गंभीर नुकसान हो रहा है। यह एक ऐसा नशा है जो एक बार किसी के चंगुल में आता है तो वह हमेशा के लिए इसमें फंस जाता है।
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(Udaipur Kiran) / मुरारी शर्मा
