
मीरजापुर, 26 मार्च (Udaipur Kiran) । रमजान के 24 रोजे पूरे हो चुके हैं और अब रोजेदार ईद के चांद के दीदार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसकाे देखते हुए बाजारों में
रौनक बढ़ गई है। खरीदारी के लिए लाेगाें की भीड़ से चौक-चौराहे गुलजार हाे गए हैं।
ईद का जिक्र हो और सेंवई की बात न हो, यह मुमकिन नहीं। बाजारों में तरह-तरह की सेंवई की दुकानें सजी हुई हैं जहां खरीदाराें की भीड़ दिख रही है। शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेंवई की दुकानें सजी हुई और उनमें खरीददार दिख रहे हैं। व्यापारी सैफ, रिनु और इमरान बताते हैं कि रमजान भर सेंवई की बिक्री होती है, लेकिन ईद के करीब आते ही इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है। हर तरह की सेंवई बाजार में उपलब्ध है, जिससे खरीदार अपनी पसंद के अनुसार खरीद रहे हैं। ईद काे लेकर बाजारों में रौनक का माहाैल है। लाेगाें में ईद की खुशियां मनाने काे लेकर उत्सुकता है।
ईद की तैयारियों में इत्र और टोपियों की भी खास अहमियत होती है। बाजार में 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की आकर्षक टोपियां उपलब्ध हैं। इत्र विक्रेताओं के अनुसार इस बार मजमूआ, जन्नतुल फिरदौस, मुशक, हजारा, आइस ब्लू, आइस बर्ग, बेली और खस्क जैसे मशहूर ब्रांड के इत्र खरीदारों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा, सुरमा की मांग भी बढ़ी है। दुकानदारों ने इनकी कई वैरायटी बाजार में उतार दी हैं।
ब्रांडेड कुर्ता-पायजामा की धूम
ईद की रौनक को देखते हुए बाजारों में कपड़ों की दुकानों पर भी भीड़ जुट रही है। खासतौर पर युवा ब्रांडेड कुर्ता-पायजामा, कलीदार, अलीगढ़ी, पठानी और शेरवानी की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। वस्त्र विक्रेताओं के अनुसार, ब्रांडेड कपड़ों की मांग पहले से कहीं अधिक बढ़ी है। वहीं, महिलाओं और लड़कियों में नायरा सूट, पेंट पलाजो, गाउन फ्रॉक, शरारा, लहंगा-चोली और कुर्ती-सलवार की जबरदस्त डिमांड है।
इफ्तार पार्टियों में दिखी सौहार्द की झलक
रमजान के दौरान रोजा इफ्तार का सिलसिला भी पूरे जोश के साथ जारी है। शहर के विभिन्न इलाकों में रोजाना इफ्तार पार्टियों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजाराें की संख्या में रोजेदार शामिल हो रहे हैं। इफ्तार पार्टियों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। ये आयोजन सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश कर रहे हैं, जहां सभी समुदायों के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार कर रहे हैं।
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(Udaipur Kiran) / गिरजा शंकर मिश्रा
