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निठारी सीरियल हत्या के मामले में दोषी करार सुरेंद्र कोली को बरी करने के आदेश को चुनौती वाली याचिका पर 03 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Suprem Court File Photo

नई दिल्ली, 25 मार्च (Udaipur Kiran) । सुप्रीम कोर्ट 2006 में नोएडा के निठारी सीरियल हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए सुरेंद्र कोली को बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन अप्रैल को सुनवाई करेगा। जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।

इस मामले में एक पीड़िता के पिता, सीबीआई और उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2023 को सुरेंद्र कोली को बरी करने का आदेश दिया था। इसके पहले ट्रायल कोर्ट ने 28 सितंबर 2010 को सुरेंद्र कोली को मौत की सजा दी थी।

इस मामले में सुनवाई के दौरान एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में मेंशन करते हुए कहा कि इस मामले में दो साल तक बच्चियां गायब होती रहीं और पुलिस ने कई कंकाल बरामद किए थे। वकील ने कहा कि ये एक असाधारण मामला है और इस मामले पर जल्द सुनवाई की जरुरत है। तब कोर्ट ने 03 अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया।

इस मामले में सुनवाई के दौरान सुरेंद्र कोली के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा था कि उसके खिलाफ साक्ष्य के नाम पर केवल कबूलनामा है जो उसकी पुलिस हिरासत के काफी दिन के बाद दर्ज कया गया था।

(Udaipur Kiran) /संजय

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(Udaipur Kiran) / प्रभात मिश्रा

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निठारी सीरियल हत्या के मामले में दोषी करार सुरेंद्र कोली को बरी करने के आदेश को चुनौती वाली याचिका पर 03 अप्रैल को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली, 25 मार्च (Udaipur Kiran) । सुप्रीम कोर्ट 2006 में नोएडा के निठारी सीरियल हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए सुरेंद्र कोली को बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन अप्रैल को सुनवाई करेगा। जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।

इस मामले में एक पीड़िता के पिता, सीबीआई और उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2023 को सुरेंद्र कोली को बरी करने का आदेश दिया था। इसके पहले ट्रायल कोर्ट ने 28 सितंबर 2010 को सुरेंद्र कोली को मौत की सजा दी थी।

इस मामले में सुनवाई के दौरान एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में मेंशन करते हुए कहा कि इस मामले में दो साल तक बच्चियां गायब होती रहीं और पुलिस ने कई कंकाल बरामद किए थे। वकील ने कहा कि ये एक असाधारण मामला है और इस मामले पर जल्द सुनवाई की जरुरत है। तब कोर्ट ने 03 अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया।

इस मामले में सुनवाई के दौरान सुरेंद्र कोली के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा था कि उसके खिलाफ साक्ष्य के नाम पर केवल कबूलनामा है जो उसकी पुलिस हिरासत के काफी दिन के बाद दर्ज कया गया था।

(Udaipur Kiran) /संजय

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