-कृषि महाविद्यालय में फल व वेजिटेबल प्रोसेसिंग यूनिट का हुआ शुभारंभ
ग्वालियर, 24 मार्च (Udaipur Kiran) । कला, कौशल, चतुराई, युक्ति, शिल्प का अर्थ है किसी चीज को अच्छी तरह से निष्पादित करने की क्षमता। कला से तात्पर्य व्यक्तिगत, अविश्लेषणीय रचनात्मक शक्ति से है। कौशल तकनीकी ज्ञान और दक्षता पर जोर देता है। कौशल वह है, जो व्यक्ति को किसी भी काम काम को बेहतर तरीके से करने में सक्षम बनाता है। लेकिन कौशल किसी भी व्यक्ति में जन्म के साथ से ही नहीं होता है, बल्कि इसे सीखना पड़ता। यह बात राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला ने सोमवार को कृषि महाविद्यालय में फल एवं वेजिटेबल प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट आपको सफल उद्यमी बनाता है, इसलिए विद्यार्थी पढ़ाई के साथ हुनर भी सीखें । राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) मुख्यालय मुंबई के मुख्य महाप्रबंधक पार्थो साहा व नाबार्ड मध्य प्रदेष क्षेत्रीय कार्यालय से मुख्य महाप्रबंधक सी सरस्वती की उपस्थिति में फूड एवं वेजिटेबल प्रोसेसिंग यूनिट का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ. वाय पी सिंह, डीन डॉ. एस एस तोमर, इक्यूवेशन सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. वाय डी मिश्रा मौजूद रहे।
इस मौके पर महाविद्यालय में स्थित खेतों में ड्रोन से फसल पर कीटनाशक और उर्वरक छिड़काव प्रदर्शन किया गया। जिसकी सराहना नाबार्ड से आये दल ने की। इसके साथ ही इंटरप्रेन्योर के साथ बैठक की और उनके अनुभव को जाना तथा उन्हें व्यवसाय को किस तरह से आगे बढ़ाया जाए इसके बारे में बताया।
(Udaipur Kiran) / शरद शर्मा
