West Bengal

ब्रात्य बसु के खिलाफ दमदम में एसएफआई का मार्च, पुलिस ने उड़ाया ड्रोन, वामपंथी छात्र संगठन ने मांगा फुटेज

एसएफआई

कोलकाता, 08 मार्च (Udaipur Kiran) ।एसएफआई ने शनिवार को शिक्षामंत्री ब्रात्य बसु के विधानसभा क्षेत्र दमदम में मार्च निकाला। यह विरोध प्रदर्शन जादवपुर विश्वविद्यालय की हालिया घटना के खिलाफ किया गया। मार्च शुरू होने से पहले पुलिस ने ड्रोन उड़ाकर भीड़ की स्थिति का जायजा लिया। इस पर एसएफआई नेताओं ने माइक से व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि हमारे पास आर्थिक संसाधन नहीं हैं। कृपया हमें इस ड्रोन का फुटेज दे दें ताकि हम इसे सोशल मीडिया पर प्रचारित कर सकें।

हाल के दिनों में माकपा की डिजिटल टीम बड़े कार्यक्रमों में भीड़ को दिखाने के लिए ड्रोन का उपयोग करती रही है, लेकिन जिला एसएफआई के इस कार्यक्रम में ऐसा कोई इंतजाम नहीं था। इसी वजह से पुलिस के ड्रोन से फुटेज लेने के लिए वामपंथी छात्र नेताओं ने मजाकिया अंदाज में अपील की। पुलिस पर तंज कसने के बाद दमदम स्टेशन से यह मार्च शुरू हुआ, जो दमदम रोड होते हुए नागेरबाजार तक पहुंचा। वहां एसएफआई कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया।

इस बीच, जादवपुर थाना ने शनिवार शाम एसएफआई के पूर्व राज्य सचिव सृजन भट्टाचार्य को तलब किया और उन्हें वीडियो और तस्वीरें लेकर आने को कहा गया। धरने पर बैठे एसएफआई नेताओं ने ऐलान किया कि जब तक सृजन जादवपुर थाने से बाहर नहीं आते, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

एसएफआई के राज्य सचिव देबांजन दे ने कहा कि ब्रात्य बसु दमदम से विधायक हैं। इसलिए हम दमदम के लोगों को बताने आए हैं कि यदि छात्रों को कुचलने की कोशिश करने वाले शिक्षामंत्री को अपने इलाके में देखें तो तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन को खबर दें।

वामपंथी छात्र संगठन ने दमदम में ब्रात्य बसु की तस्वीरों के साथ ‘अपराधी’ लिखा पोस्टर चिपकाया। इसे लेकर शिक्षामंत्री की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, जादवपुर के घायल छात्र इंद्रानुज रॉय के बयान के आधार पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने ब्रात्य बसु, वेबकूपा नेता ओमप्रकाश मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

इस प्रदर्शन को लेकर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने एसएफआई पर पलटवार करते हुए कहा कि माकपा शासनकाल में एसएफआई ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जो हिंसा फैलाई थी, उसे जनता भूली नहीं है। अब वे संत बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोग सब कुछ जानते हैं।

(Udaipur Kiran) / ओम पराशर

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