
भागलपुर, 07 मार्च (Udaipur Kiran) । जिले में सन्हौला प्रखंड के 18 पंचायतो में से से तीन पंचायतो में पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य विभागीय पेंच में फंस गया है।
जिले के अमडंडा मौजा में निर्माण हेतु अंचल से एनओसी मिला और निर्माण कार्य प्रारम्भ हुआ। फिर मसूदनपुर मौजा में एन ओ सी मिला, जबकि यह जमीन पूर्व से ही विवादित था। भागलपुर संसद द्वारा नारियल फोड़ कर भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। लेकिन अभी भी निर्माण कार्य विवाद में फंसा हुआ है। मदारगंज पंचायत के काझा गांव में बनने वाले तीन करोड़ की लागत से पंचायत सरकार भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है।
काझा गांव के आदिवासी समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को इस निर्माण कार्य का कड़ा विरोध करते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की। काझा गांव के खासकर आदिवासी समाज के लोगों का कहना है कि यह जमीन वर्षों से आदिवासी समुदाय के शव दफनाने के लिए उपयोग होती रही है। गांव के बिनोद मड़ैया, संजू मड़ैया सहित दर्जनों ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने इस जमीन को पंचायत भवन के लिए चयनित कर सरकार को भेज दिया। जबकि यह भूमि आदिवासी समाज की पारंपरिक कब्रगाह है।
पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य को रोकने के बाद संवेदक ने अमडंडा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर अमडंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आदिवासी समुदाय के लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। सभी ने कहा कि इस जमीन पर पंचायत सरकार भवन नहीं बनने देंगे। सन्हौला अंचलाधिकारी द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र पर भी सवाल उठाया और भागलपुर जिला प्रशासन से अपील की कि इस जमीन को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जाए। ताकि हमलोगों का कब्र बच जाये।
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(Udaipur Kiran) / बिजय शंकर
