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– स्कूल शिक्षा मंत्री और शीर्ष अधिकारियों ने जिले की टीम को दी बधाई
– नर्मदापुरम जिले में चल रहा है सीटी बजाओ का अभिनव कार्यक्रम
भोपाल, 22 फरवरी (Udaipur Kiran) । प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता में और अधिक वृद्धि के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के नर्मदापुरम जि़ले में विद्यार्थियों की शाला में नियमित उपस्थिति के लिए जिला कलेक्टर की पहल पर संचालित ‘‘सीटी बजाओ-बच्चे बुलाओ’’ कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। जिले की इस पहल को इस वर्ष का प्रतिष्ठित स्कॉच पुरस्कार प्राप्त हुआ है। जिला शिक्षा केन्द्र नर्मदापुरम की इस उपलब्धि पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने नर्मदापुरम जिला कलेक्टर सोनिया मीना, जिला परियोजना समन्वयक डॉ. राजेश जायसवाल सहित कार्यक्रम से जुडे सभी सहयोगियों और शिक्षकों को बधाई दी है।
जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में ग्रामीण परिवेश के परिवारों में जागरूकता की कमी से बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुँच पाते हैं। इसका सीधा प्रभाव उनके सीखने के स्तर पर पड़ता है। इसके लिए कलेक्टर नर्मदापुरम सोनिया मीना ने प्रारंभिक तौर पर जिले की 5 शालाओं में, जहाँ की उपस्थिति 30 प्रतिशत के आसपास थी, वहाँ ‘‘सीटी बजाओ-बच्चे बुलाओ’’ का रोचक और अभिनव नवाचार प्रारंभ किया। इसमें शाला के शिक्षक के साथ बच्चों की एक टीम, जिसमें एक सीटी कैप्टन होता है, उन बच्चों के घर के सामने जाकर सीटी बजाते हैं, जो बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं आते। सीटी की आवाज सुनकर गाँवों में भी यह बात प्रचारित होती चली गई कि सीटी बजाने का मतलब बच्चों को स्कूल भेजना है। सीटी बज गई शाला खुल गई अभियान में ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया और पालक भी बच्चों को तैयार करके स्कूल भेजने लगे। आज इन स्कूलों की उपस्थिति 30 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के सकारात्मक परिणामों के आधार पर जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा इस नवाचार को स्कॉच अवार्ड के लिए नामांकित किया गया था। सेमी-फाइनल राउंड में देश के बड़े संस्थानों के प्रतिष्ठित 22 प्रोजेक्ट में से प्रदेश के इस अभिनव प्रयास को स्कॉच अवार्ड के लिए चुना गया। अब जिले की अन्य शालाओं में भी इस प्रयोग से बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं, जो कि परीक्षा की तैयारी के लिए भी सार्थक सिद्ध हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि स्कॉच अवार्ड सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तनों के नेतृत्व के साथ समाज और शासन में लाभकारी परिवर्तनों में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रदान किया जाता है।
(Udaipur Kiran) / उम्मेद सिंह रावत
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