Madhya Pradesh

आदिगुरू शंकराचार्य ज्ञान परम्परा के सूर्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन करने के बाद संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरु की प्रतिमा के किये दर्शन
मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन
मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन

– मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरु की प्रतिमा के किये दर्शन

भोपाल, 2 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य जी की किसी से तुलना नहीं हो सकती, वे ज्ञान परंपरा में सूर्य के समान प्रकाशमान हैं। उनका यहां विराजना ही शुभता का सूचक है। वर्तमान में हिंसा का दौर चल रहा है। ऐसे में आचार्य शंकर का जीवन दर्शन हमें शांति की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खंडवा जिले में ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर की नगरी स्थित एकात्म धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धा-सुमन अर्पित कर पूजन किया। बटूकों ने मंत्रोच्चारों के साथ पूजन विधि संपन्न कराई।

चरणबद्ध रूप से पूर्ण होगा एकात्म धाम

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते एकात्म धाम को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के बात कही। उन्होंने संतों को प्रणाम करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संस्कृति के संरक्षण के लिए सदैव हमारा मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सभी उत्सवों एवं पर्वों में समाज के साथ सहभागी है। इस अवसर पर उन्होंने एकात्म धाम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और एकात्म धाम परिसर में पुस्तक एवं कैलेंडर का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदिगुरु शंकराचार्य के एकात्म अद्वेत अध्यात्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिगुरू शंकराचार्य ने एकात्मवाद का अद्भुत संदेश जन-जन तक पहुंचाया। सनातन धर्म परम्परा की रक्षा एवं उसके सिद्धांतों के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रही। कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करते हुए वे अपने गुरु से दीक्षा लेने के लिए केरल से ओंकारेश्वर आए। उन्होंने गुरु दक्षिणा को अपने आचरण एवं कृतित्व से सार्थक किया और देश को एक रूप में जोड़ने की नई दिशा दिखाई। आदिगुरु शंकराचार्य ज्ञान परम्परा के बड़े वाहक थे। आदिगुरू शंकराचार्य ने देश की चारों दिशाओं में पीठ की स्थापना कर सबको एकता के सूत्र में पिरोया।

कार्यक्रम में महामंडलेश्वर दत्तात्रेय आश्रम के पूज्य स्वामी विवेकानंद पुरी ने कहा कि ओंकारेश्वर-ममलेश्वर अद्वैत एकात्मता का धाम है। यह आदिगुरू शंकराचार्य और भारत को एक पहचान देने का केंद्र है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर आदिगुरू शंकराचार्य जी की दीक्षाभूमि और साधना स्थली रही है। ओंकारेश्वर को पांचवें पीठ के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने बाबा ओंकारेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पैदल पुल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माँ नर्मदा के विहंगम दृश्य का अवलोकन कर माँ नर्मदा को प्रणाम किया। उन्होंने फूल-प्रसादी विक्रय करने वाले दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट के ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह चौहान, सहायक सी.ई.ओ. अशोक महाजन सहित अन्य ट्रस्टी गण ने बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

(Udaipur Kiran) तोमर

Most Popular

To Top