
-राज्य में ‘अ’ श्रेणी की नगर पालिकाओं में 21, ‘ब’ श्रेणी में 22 और ‘क’ श्रेणी में 26 सहित कुल 69 नगर पालिकाओं को अपग्रेड किया गया
-7 जिला मुख्यालयों, अधिक पर्यटक आवाजाही वाले 4 यात्राधामों और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत वाले वडनगर का ‘अ’ श्रेणी की नगर पालिका में समावेश
गांधीनगर, 10 मार्च (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के शहरों को गतिशील, जीवंत और टिकाऊ शहरी विकास से लिवेबल बनाने के दृष्टिकोण के साथ 69 नगर पालिकाओं का अपग्रेडेशन किया है।
राज्य में लगातार हो रहे विकास के चलते शहरों में बसने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में, नगर पालिका क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विभिन्न बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और जन कल्याण में वृद्धि सुनिश्चित करने के साथ ही विकास कार्यों को गति देने और उन्हें सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के उदार दृष्टिकोण के साथ इन नगर पालिकाओं का अपग्रेडेशन किया गया है। नगर पालिकाओं के इस अपग्रेडेशन के परिणामस्वरूप 1 लाख से अधिक आबादी वाली ‘अ’ श्रेणी की नगर पालिकाओं में 21 नगर पालिकाएं, 50 हजार से 1 लाख तक की आबादी वाली ‘ब’ श्रेणी की नगर पालिकाओं में 22 तथा 25 से 50 हजार की आबादी वाली ‘क’ श्रेणी की नगर पालिकाओं में 26 नगर पालिकाएं जोड़ी गई हैं। इतना ही नहीं, खंभालिया, लुणावाड़ा, मोडासा, व्यारा, छोटा उदेपुर, दाहोद और राजपीपला जैसी संबंधित जिलों के मुख्यालय वाली नगर पालिकाओं को ‘अ’ श्रेणी में अपग्रेड किया गया है। वडनगर की लगभग 2500 वर्षों की पौराणिक और ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फलक पर वडनगर के स्थान को ध्यान में रखते हुए उसे भी ‘अ’ श्रेणी में अपग्रेड किया गया है।
नगर पालिकाओं के इस अपग्रेडेशन से बुनियादी ढांचा के विकास कार्यों, आउटग्रोथ क्षेत्र के कार्यों, अनूठी पहचान के कार्यों तथा नगर सेवा सदन के कार्यों के लिए स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के अंतर्गत ‘अ’ श्रेणी की प्रत्येक नगर पालिका को लगभग 28 करोड़ रुपए, ‘ब’ श्रेणी की प्रत्येक नगर पालिका को लगभग 22 करोड़ रुपए, ‘क’ श्रेणी की नगर पालिकाओं को 15.50 करोड़ रुपए और ‘ड’ श्रेणी की नगर पालिकाओं को 10 करोड़ रुपए के अनुदान सहित कुल लगभग 2882 करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए आवंटित किए जाएंगे।
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(Udaipur Kiran) / बिनोद पाण्डेय
