HimachalPradesh

हिमाचल में शिक्षकों के 5306 पद रिक्त, चरणबद्ध तरीके से होगी भर्ती: शिक्षा मंत्री

शिमला, 22 मार्च (Udaipur Kiran) । हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया तेज करेगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि टी.जी.टी., पी.जी.टी., जे.बी.टी., सी.एच.टी. और मुख्य अध्यापक के कुल 5306 पद रिक्त हैं। इनमें टी.जी.टी. आर्ट्स के 342, मेडिकल के 258 और नॉन-मेडिकल के 444 पद, पी.जी.टी. बायोलॉजी और फिजिक्स के 63-63 पद, जे.बी.टी. के 3395 पद, केंद्रीय मुख्य अध्यापक के 195 पद और मुख्य अध्यापक के 546 पद शामिल हैं। सरकार इन रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरने का प्रयास कर रही है।

चयन आयोग को भेजा मांग पत्र

शिक्षा मंत्री ने बताया कि टी.जी.टी. के 937 और जे.बी.टी. के 1762 पदों को भरने के लिए राज्य चयन आयोग को मांग पत्र भेज दिया गया है। इसके अलावा अन्य रिक्त पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

अब तक 3450 शिक्षकों की हो चुकी है नियुक्ति

शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने 5291 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी थी, जिसमें से 3730 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनमें से 3450 पदों पर नियुक्तियां भी हो चुकी हैं, जबकि शास्त्री और फिजिकली हैंडीकैप वर्ग की काउंसलिंग हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के पांच वर्षों में 3900 शिक्षकों की बैचवाइज नियुक्ति हुई थी जिससे सिंगल टीचर स्कूलों की संख्या में कमी आई है।

स्कूलों में नामांकन घटा, 3103 पदों पर भर्ती की तैयारी

शिक्षा मंत्री ने चिंता जताई कि वर्ष 2003 की तुलना में 2023 में स्कूलों में नामांकन 50 प्रतिशत तक घट गया है। इसके मद्देनजर सरकार ने राज्य चयन बोर्ड के माध्यम से 3103 शिक्षकों की भर्ती करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति करेगी।

भाषा शिक्षकों का होगा पुनर्वितरण

शिक्षा मंत्री ने विधायक डॉ. जनक राज के प्रतिपूरक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जिन स्कूलों में एक से अधिक भाषा शिक्षक (एल.टी.) हैं, वहां से अतिरिक्त शिक्षक को उन स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा जहां भाषा अध्यापक नहीं हैं। सत्र समाप्त होने के बाद एल.टी., जे.बी.टी. और टी.जी.टी. पदों के युक्तिकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

1999 में भर्ती प्रवक्ताओं की नहीं हुई पदोन्नति

इस दौरान विधायक संजय अवस्थी ने भी सवाल उठाया कि वर्ष 1999 में भर्ती किए गए प्रवक्ताओं में से अधिकांश की अब तक पदोन्नति नहीं हुई है। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है।

—————

(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

Most Popular

To Top