
नई दिल्ली, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । दिल्ली में यमुना का जलस्तर गुरुवार को खतरे के निशान 205.33 को पार कर चुका है। यमुना का जलस्तर पहाड़ी इलाकों में बारिश और हरियाणा के हथिनी कुंड बांध से लगातार पानी छोड़ जाने की वजह से खतरे के निशान के ऊपर पहुंचा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गुरुवार सुबह आठ बजे दिल्ली रेलवे ब्रिज पर 205.45 मीटर तक पहुंच गया।सरकार ने यमुना के किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। सभी विभाग 24 घंटे सतर्क रहकर काम कर रहे हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। राहत और बचाव कार्यों के लिए 14 अहम जगहों पर नावों की तैनाती की गई है। साथ ही यमुना का पानी मुख्य सड़कों तक न पहुंचे और ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसके लिए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। साथ ही सभी रेगुलेटर्स को पूरी तरह चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा डीएम ईस्ट के कार्यालय में “सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम” की शुरुआत कर दी गई है। यह केंद्र अब पूरे दिल्ली के लिए एक केंद्रीय समन्वय केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है और सभी सिविक एजेंसियों के प्रतिनिधि यहां 24×7 तैनात हैं। इस साल शहर में सेंट्रल कंट्रोल रूम सहित 15 वायरलेस स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जो यमुना के जलस्तर सहित जलभराव वाले इलाकों की हर समय निगरानी कर रहे हैं। साथ ही राहत और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों की जांच पूरी कर ली गई है और संबंधित विभागों ने यमुना खादर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं।
उल्लेखनीय है कि 19 अगस्त को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचा था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तब यमुना बाजार स्थित बाढ़ग्रस्त बस्ती में नंगे पांव बाढ़ के पानी में उतर गईं थीं। उन्होंने बाढ़ से पीड़ित लोगों से बात की और आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ है। मुख्यमंत्री का यह भी कहना था कि दिल्ली के यमुना से सटे इलाकों में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है।
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(Udaipur Kiran) / धीरेन्द्र यादव
