
चित्तौड़गढ़, 29 नवंबर (Udaipur Kiran) । जिले में यूरिया की सीमित आवक को देखते हुए तथा कालाबाजारी के मामले में अब कृषि विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है। किसानों से जहां भी अनियमितता की शिकायत मिल रही है वहां कार्रवाई की जा रही है। कपासन तहसील क्षेत्र में उर्वरक विक्रेता के खिलाफ काला बाजारी की शिकायत मिलने और फोन बंद कर देने पर दुकान को सील कर दिया है। साथ ही दुकान पर नोटिस चस्पा कर कार्रवाई की है। इसके अलावा भी विभाग ने कार्रवाई की है।
उपनिदेशक कृषि दिनेश कुमार जागा ने बताया कि कपासन तहसील के आली, शनिमहाराज स्थित श्री श्याम ट्रेडिंग (बीज भंडार) के मालिक नवीन गाडरी के खिलाफ शिकायत मिली थी। नवीन गाडरी को 670 बैग यूरिया के आपूर्ति किए थे, जिनका गोदाम में भंडार किया था। किसानों ने शिकायत में बताया कि रात्रि में यूरिया की कालाबाजारी की है। इस पर विभाग ने नवीन गाडरी से संपर्क किया तो फोन बंद आया। इस पर सहायक कृषि अधिकारी कपासन हीरालाल सालवी तथा प्रशांत कुमार जाटोलिया को मौके पर भेजा। इसमें गोदाम और दुकान पर ताला लगा हुआ था। फर्म के मालिक से संपर्क का प्रयास किया तो वह भी नहीं मिला। इस पर विभाग ने कार्रवाई की है। उप निदेशक जागा ने बताया कि फर्म मालिक की दुकान को सील कर नोटिस भी चस्पा किया है। इसमें निर्देश दिए हैं कि कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में ही ताला खोला जाए। नोटिस की अवहेलना करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ताला खुलने के बाद फर्म पर दिए यूरिया बैग की आपूर्ति के बारे में भी जानकारी मिलेगी।
बड़ीसादड़ी में भी की कार्रवाई, बिना सूचना किया वितरण
जागा ने बताया कि कृषि विभाग उर्वरक वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रख रहा है। जिला कलक्टर के निर्देश पर कृषि अधिकारी गोपाल धाकड़ ने बड़ीसादड़ी क्षेत्र में खाद-बीज दुकानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृष्णा एंटरप्राइजेज, कृष्णा बीज भंडार तथा भाणुजा सहकारी समिति, भाणुजा की दुकानों की जांच कर उर्वरक वितरण को सुचारु रूप से सुनिश्चित कराया गया। कृष्णा एंटरप्राइजेज, बड़ीसादड़ी में अनियमितताएं पाए जाने पर दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी दौरान सामने आया कि सांवरिया बीज भंडार, बड़ीसादड़ी ने बिना पूर्व सूचना दिए नंगाखेड़ी फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, बोहेड़ा रोड, बड़ीसादड़ी के परिसर से उर्वरक वितरण किया जा रहा है। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 का उल्लंघन है। कृषि अधिकारी गोपाल धाकड़ की अनुशंसा पर संबंधित विक्रेता का उर्वरक अनुज्ञा पत्र अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया गया है।
जबरन अन्य उत्पाद दिए तो होगी कार्रवाई
उप निदेशक जागा ने बताया कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे किसानों की जमाबंदी एवं आधार कार्ड देख कर निर्धारित दरों पर पारदर्शी एवं समान रूप से उर्वरक का वितरण करें। साथ ही किसानों को जबरन यूरिया के साथ अन्य उत्पाद देने का प्रयास न करें। इस प्रकार की शिकायत समझे आती है तो सम्बंधित फर्म संचालक के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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(Udaipur Kiran) / अखिल