
निर्देश—राहत शिविर में रह रहे लोगों को खाद्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने में लापरवाही न बरते
वाराणसी, 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । वाराणसी में अगस्त माह में दूसरी बार गंगा नदी की लहरें तटवर्ती क्षेत्र में पहुंच गई है। बुधवार को शाम 06 बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर को पार कर 70.66 मीटर पर पहुंच गया। गंगा की लहरें तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आंकलन करने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार अफसरों के साथ विशेष नौका से पहुंचे।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायज़ा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। नाव से निरीक्षण के दौरान उन्होंने नायब तहसीलदार और संबंधित क्षेत्र के लेखपाल से बाढ़ से प्रभावित लोगों के बारे जानकारी प्राप्त की और कहा कि जो लोग अभी भी अपना घर छोड़कर राहत शिविर में नहीं पहुंचे हैं उन्हें खाद्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाये, जब तक कि बाढ़ का पानी कम न हो जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि राहत शिविर में आए परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाये, ताकि विस्थापित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने नाव पर से ही अधिकारियों द्वारा लाउड हेलर की मदद से लोगों को आस-पास के बाढ़ राहत शिविरों में शरण लेने का अनुरोध किया। उन्होंने लोगों से कहा कि नदी में स्नान करने से परहेज करें। जिलाधिकारी ने नमो घाट से एनडीआरएफ की मोटरबोट से आदिकेशव घाट होते हुए वरुणा नदी के आस पास के क्षेत्रों पुलकुहना, कोनिया, सरैया, ढ़ेलवरियां सलारपुर, हुकुलगंज सहित दनियालपुर व नक्खीघाट तक भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी काशी गौरव वंशवाल, डीसीपी गोमती प्रमोद कुमार, एसडीएम सदर नितिन सिंह, नायब तहसीलदार व संबंधित क्षेत्र के लेखपाल, एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मौजूद रहीं।
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(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी
