Haryana

हरियाणा में कानून-व्यवस्था पर विधानसभा में हंगामा

– सीएम ने हुड्डा राज की घटनाएं गिनाई तो कांग्रेस ने किया वाकआउट

चंडीगढ़, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में सदन का माहौल तीसरे दिन गरमाया रहा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कानून व्यवस्था पर विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया।

दरअसल, प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के काम रोको प्रस्ताव पर मंगलवार दोपहर बाद चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत हंगामेदार माहौल में हुई और विपक्ष ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सवाल खड़े करते हुए सरकार को घेरा। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब जरूर दिया, लेकिन माहौल को गरमाता देख मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभाला और कांग्रेस के कार्यकाल में कानून व्यवस्था की खामियां गिनाते हुए भाजपा सरकार के सुधारों और बदलावों को बखान किया। हालांकि, कानून व्यवस्था पर चल रहे आरोप-प्रत्यारोपों के बीच कांग्रेस ने वाकआउट कर विरोध जताया। दरअसल, मुख्यमंत्री के जवाब पर आपत्ति जताते हुए और असंतोष जताते हुए कांग्रेस ने वॉकआउट किया था। इससे पहले ही हुड्डा और सैनी में बहस भी हुई थी। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार की कार्रवाई के कारण कई गैंगस्टर प्रदेश छोड़कर भाग गए और अब भी कहीं छुपकर रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पांच गैंगस्टरों को पकड़कर लाया गया और केंद्र की एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई जारी है। कांग्रेस ने सत्र की शुरूआत से पहले ही कानून व्यवस्था के मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव दिया था। शुक्रवार को सत्र के पहले दिन इस प्रस्ताव को लेकर ही गतिरोध बना और छह बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति के तहत मंगलवार को प्रस्ताव पर सदन में चर्चा हुई। लेकिन यह चर्चा सभी विधायी काम निपटाने के बाद हुई। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विपक्ष के आरोपों को गलत जानकारी बताया और सदन में कांग्रेस के हंगामे की आलोचना की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मनीषा कांड में भाऊ गैंग की धमकियों और प्रदेश में अपराध बढ़ने का जिक्र किया।

कांग्रेस की ओर से कानून व्यवस्था पर दिए गए काम रोका प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विधायक गीता भुक्कल ने प्रदेश में रोजाना हो रही हत्याओं और बलात्कार की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था चिंता का विषय है और केंद्र सरकार के दावों के बावजूद प्रदेश सुरक्षित नहीं है। उन्होंने हिमानी नरवाल हत्या और भिवानी की निजी स्कूल की शिक्षिका मनीषा केस का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जब विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए मोर्चा संभाला तो कई बार उनका पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ सीधा टकराव हुआ। नायब सैनी ने पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल को निशाना बनाया। उन्होंने रोहतक थाने में 10 अप्रैल, 2008 को हुई महिला के बलात्कार की घटना का हवाला देते हुए कहा कि उस समय 5 पुलिसकर्मियों ने थाने के अंदर ही महिला के साथ दरिंदगी की। सीएम ने आरोप लगाया कि उस वक्त मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे और पीड़िता 40 दिनों तक न्याय के लिए भटकती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुना। इस बात पर कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया।

कांग्रेस द्वारा कानून व्यवस्था पर दिए गए काम रोका प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मनीषा मामले की जांच पर सवाल खड़े किए गए। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच सरकार सीबीआई को सौंप चुकी है। गीता भुक्कल और कुलदीप वत्स ने पुलिस को खुली छूट देने की आवश्यकता जताई, जबकि भाजपा विधायक तेजपाल ने विपक्ष को सच सुनने की चुनौती दी। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि विपक्ष सदन के माध्यम से गलत जानकारियां फैलाकर जनता को भ्रमित कर रहा है।

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(Udaipur Kiran) शर्मा

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