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अपडेट: बारिश बादल फटने से ब्यास नदी उफान पर,पंडोह डैम के सभी गेट खोले

मंडी के पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंचा ब्यास का पानी।

मंडी, 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । मंडी व कुल्लू जिलों में बीते रोज से हो रही भारी बारिश के चलते ब्यास, पार्वती, तिर्थन, उहल और लंबाडग नदियों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इन नदियों के कैचमेंट एरिया में मूसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह पर बादल फटने की सूचना है। इन नदियों का जलस्तर बढ़ने से लारजी और पंडोह डैम में भारी मात्रा में जल भराव होने के कारण गेट खोल दिए गए हैं। जिसके चलते ब्यास नदी उफान पर है।

मंडी में सुकेती-ब्यास संगम पर स्थित पंचवक्त्र मंदिर को ब्यास नदी ने घेरा डाल दिया है। पंचवक्त्र का यह मंदिर वर्ष 2023 में उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा जब बाढ़ का पानी मंदिर के गर्भगृह में घुस गया था। जिसकी वजह से इसमें भारी मात्रा में सिल्ट भर गई थी। इस बार भी भारी बारिश के चलते दो एक बार ब्यास का पानी मंदिर की दिवारों तक पहुंच गया था। लेकिन मंगलवार को ब्यास और इसकी सहायक नदियों में भारी मात्रा में जल भराव होने की वजह से ब्यास नदी में बाढ़ आ गई। जिसके चलते डयोड नाले पर बने झुलापुल को छूते हुए ब्यास का पानी गुजरने लगा। वहीं पर ब्यास का पानी फोरलेन तक पहुंच गया।

इसके अलावा मंडी के एकादशरूद्र मंदिर घाट पर स्थित शिवलिंग भी पानी में डूब गया, ऐतिहासिक शिवाबावड़ी तक ब्यास व सुकेती खड्ड का पानी पहुंच गया। मंडी के सावली खड्ड में श्मशानघाट भी पानी में डूब गया। इसके अलावा यहां पर स्थित मंदिर भी पानी से घिर गया है, हालांकि, मंदिर अभी भी ऊंचाई पर स्थित है।

इधर, उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि पंडोह डैम में आज 26 अगस्त से शुरू होने वाले फ्लशिंग कार्य को एक दिन के लिए आगे कर दिया गया है। अब यह कार्य 27 अगस्त से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नदी के जल स्तर को नियंत्रित रखने के दृष्टिगत जिला प्रशासन की ओर से बांध प्रबंधन से इस बारे में आग्रह किया गया था। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान ब्यास नदी के किनारे जाने से बचें और पूरी तरह सतर्क रहें। पंडोह डैम में आज से फ्लशिंग कार्य शुरू हो गया है, जो 27 अगस्त तक जारी रहेगा। इस दौरान डैम से भारी मात्रा में जमा गाद और अतिरिक्त पानी व्यास नदी में छोड़ा जा रहा है।

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि वे इन दो दिनों के दौरान नदी किनारे जाने से बचें और पूरी तरह सतर्क रहें। बीबीएमबी पंडोह के अनुसार, ब्यास नदी में भारी जलप्रवाह और जलाशय में गाद एवं कचरे की अधिकता को देखते हुए यह कार्य अनिवार्य हो गया है। फ्लशिंग प्रक्रिया के दौरान पंडोह बग्गी सुरंग को बंद कर दिया गया है, जिससे जलाशय में आने वाला पूरा पानी सीधे व्यास नदी में प्रवाहित हो रहा है। साथ ही जलाशय में जमा गाद भी नदी में छोड़ी जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि फ्लशिंग के समय पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और पशुओं के लिए खतरा उत्पन्न होने की आशंका रहती है।

उन्होंने जनता से अपील की है कि सतर्कता बरतें और नदी किनारे जाने से परहेज करें। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट रहने और लोगों को समय-समय पर जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

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(Udaipur Kiran) / मुरारी शर्मा

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