
उज्जैन, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । महाकालेश्वर मंदिर में प्राचीन लोक संस्कृति पर आधारित उमा-सांझी महोत्सव अश्विन कृष्ण पक्ष एकादशी से अश्विन शुक्ल द्वितीया (श्राद्ध पक्ष) तक मनाया जाता है। इस वर्ष महोत्सव का शुभारंभ 17 सितंबर को प्रात: घट स्थापना के साथ होगा। सायंआरती के पश्चात वसंत पूजा (चारों वेदों के पाठ) का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान परम्परानुसार होने वाले पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं को लेकर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के उप प्रशासक एस.एन.सोनी की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक हुई। बैठक में महोत्सव के दौरान सभा मण्डप में प्राचीन पत्थर पर रंगोली से संझा बनाने, सभा मण्डप में झांकी निर्माण किये जाने हेतु समितियों का गठन किया गया। बैठक में सभा मण्डप में होने वाले पांच दिवसीय कार्यक्रमों पर पुजारी-पुरोहितों द्वारा दिए गए सुझावों पर चर्चा कर मंदिर में 22 सितम्बर को होने वाले कन्या भोज, झांकी निर्माण, नौका विहार के संबंध सुझाव प्रेषित किए गए। बैठक में पुजारी रमण त्रिवेदी, पुरोहित सुभाषचन्द्र शर्मा, भूषण व्यास, दीपक भट्ट, नीरज शर्मा, संदीप शर्मा एवं मंदिर व्यवस्था प्रभारी उपस्थित थे।
यह होंगे आयोजन
उमा सांझी महोत्सव अंतर्गत प्रतिदिन विद्यालयीन छात्र-छात्राओं हेतु चित्रकला, श्लोक पाठ, रंगोली, त्वरित भाषण प्रतियोगिता होगी। प्रतिदिन शाम को लोक संगीत पर आधारित गायन, वादन, नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंदिर प्रबंध समिति की आई.टी. शाखा के माध्यम से लाईव प्रसारण किया जाएगा।
निकलेगी उमा माता की सवारी
23 सितम्बर को वर्ष में एक बार निकलने वाली उमा माता की सवारी निकाली जाएगी। उक्त सवारी को भव्यता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। ज्ञात रहे उमा-सांझी महोत्सव में प्रतिदिन संध्या-आरती पश्चात लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों द्वारा लोक गायन, लोक वादन व लोक नृत्य की प्रस्तु्तियां दी जाएंगी। इस हेतु 25 से 31 अगस्त तक इच्छुक लोक विधाओं के कलाकार महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की वेबसाईट पर दी गई गूगल फॉर्म की लिंक पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
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(Udaipur Kiran) / ललित ज्वेल
