जिनेवा, 24 नवम्बर (Udaipur Kiran) । यूक्रेन को लेकर बढ़ती कूटनीतिक हलचल के बीच यूरोप की परिषद (Council of Europe) के मानवाधिकार आयुक्त माइकल ओ’फ्लेहर्टी ने चेतावनी दी है कि किसी भी संभावित शांति समझौते को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार ढांचे पर मजबूती से आधारित होना चाहिए।
ओ’फ्लेहर्टी ने बयान में कहा कि यह उत्साहजनक है कि यूक्रेन के लिए शांति प्रयास तेज हो रहे हैं, लेकिन “एक व्यापक, न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति तभी संभव है जब वह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार व्यवस्था पर आधारित हो।”
उन्होंने जोर दिया कि अंतिम शांति वार्ता में जवाबदेही और क्षतिपूर्ति जैसे अहम मुद्दों को शामिल करना अनिवार्य है। इसमें रूस की आक्रामकता से जुड़ी मानवाधिकार उल्लंघनों और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, तथा सभी पीड़ितों के लिए न्यायपूर्ण मुआवज़ा शामिल है।
इसके अलावा उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा, पुनर्निर्माण और पुनर्वास, तथा प्रक्रिया में समावेशिता जैसे पहलुओं पर भी जोर दिया।
ओ’फ्लेहर्टी ने कहा, “यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण का मुकाबला करने और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हमें उन मूल्यों और मानवाधिकारों का दृढ़तापूर्वक बचाव करना होगा, जो इस युद्ध में निशाने पर हैं।”
इस महीने की शुरुआत में ओ’फ्लेहर्टी ने 35 देशों के अधिकारियों—जिनमें यूक्रेन के प्रतिनिधि भी शामिल थे—की एक बैठक भी आयोजित की थी, जिसमें इन मुद्दों को व्यवहारिक रूप से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक की विस्तृत रिपोर्ट जल्द जारी होने की उम्मीद है।
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(Udaipur Kiran) / आकाश कुमार राय