
–दोस्त व उसकी सास ने रची पूरी साजिश, कौशाम्बी में रेलवे ट्रैक पर पाया गया था क्षत विक्षत शव
प्रयागराज, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । नवाबगंज थाने की पुलिस टीम एवं एसओजी की सर्विलांस टीम ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य की अपहरण कर हत्या मामले का खुलासा करते हुए गुरुवार को भगौतीपुर चौराहे के पास से हत्या की साजिश रचने वाली महिला व मृतक के दोस्त को गिरफ्तार किया। हत्या की वजह दोस्त की पत्नी से प्रेम संबंध निकलकर सामने आया है। हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही है। यह जानकारी गुरुवार रात मीडिया से पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत दी।
डीसीपी गंगानगर ने बताया कि हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपितों में धूमनगंज थाना क्षेत्र के उमरपुर नीवा गांव निवासी लीला यादव पत्नी स्वर्गीय पप्पू यादव और नवाबगंज के तुलसीराम का पूरा गांव निवासी रामसिंह यादव पुत्र हरिश्चन्द्र यादव है। जबकि वारदात में शामिल नवाबगंज के तुलसीराम का पूरा इब्राहिमपुर गांव निवासी उदय सिंह पुत्र भोला यादव, विजय यादव व विजय यादव का नौकर सुजीत श्रीवास्तव की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस की टीमें सम्भावित स्थानों पर दबिस दे रही है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपित राम सिंह ने बताया कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर सिंह यादव व नवाबगंज के तुलसीराम गांव निवासी उदय यादव पुत्र भोलानाथ यादव से गहरी दोस्ती थी। दोनों एक दूसरे के घर आना जाना था। इस दौरान उदय यादव की पत्नी अंजली यादव से बीते काफी दिनों से रणधीर यादव का अवैध संबंध था। लगभग दो माह पूर्व उदय अपनी पत्नी अंजली को लेकर रणधीर यादव के साथ नैनीताल घूमने गए थे। जहां रणधीर व अंजली को अपत्तिजनक स्थिति में उदय यादव ने देख लिया था। हालांकि वहां से दोनों वापस लौट आए। वापस लौटने के बाद अंजली लगातार रणधीर यादव से वार्ता करती रही। इसी बीच अंजली यादव की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई।
परिवार के लोग वगैर पुलिस को सूचना दिए अंजली के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में उदय यादव की सास लीला यादव को पूरी जानकारी होने के बाद, बेटी की बर्बादी का बदला लेने के लिए योजना तैयार किया और 22 अगस्त को रणधीर यादव को उसके दोस्त राम सिंह के माध्यम से उमरपुर नीवां बुलाया और उसे अत्याधिक शराब पिला दिया। जिसके बाद मलाक हरहर के समीप गाड़ी के अन्दर सभी लोगों ने मिलकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को लेजाकर पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने फेंक दिया। जिससे रणधीर का शव इस तरह क्षतिग्रस्त हो गया कि उसकी पहचान नहीं हो सकी और 72 घंटे के बाद शव का लावारिश में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इसके बाद उदय यादव ने रणधीर की स्कॉर्पियो गाड़ी को चित्रकूट की तरफ नष्ट करने के लिए ले गये थे जहां जंगली रास्ते में गाड़ी फंस गयी व लोगों की आहट पाकर गाड़ी वहीं छोड़कर चले आये। उधर मृतक रणधीर यादव की पत्नी की तहरीर पर दर्ज हुए मुकदमे की विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने रामसिंह यादव को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर बमरौली स्टेशन स्थित आउटर के पास पहुंचकर निरीक्षण करते हुए पूरामुफ्ती थाने की पुलिस टीम से सम्पर्क किया। जिसके बाद ज्ञात हुआ कि 23 अगस्त को एक लावारिस शव उसी स्थान पर पाया गया था। शव मिलने के बाद रणधीर यादव के पिता राम अभिलाष को बुलाया गया। जहां उक्त शव के कपड़े एवं फोटो से रणधीर सिंह यादव के रूप में पहचान किया।
उल्लेखनीय है कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के हथिगहाँ मोहम्मदपुर गांव निवासी बबली यादव पत्नी रणधीर यादव ने 23 अगस्त को तहरीर देकर सूचना दिया कि उसके पति रणधीर यादव लगभग 5 बजे स्कॉर्पियो से कहीं गए और वापस नहीं लौटे। पुलिस ने तत्काल इस संबंध में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी। हालांकि बाद में मृतक की पत्नी बबली ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उदय यादव व राम सिंह मेरे पति का अपहरण करके ले गए और हत्या कर दिये। पुलिस ने 25 अगस्त को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया और संदिग्ध राम सिंह यादव की तलाश तेज कर दी। पुलिस टीम ने राम सिंह को गिरफ्तार किया तो पूरा राज खुल गया।
उन्होंने बताया कि इस वारदात में कुल 5 सदस्य शामिल थे। जिसमें से तीन लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर दबिस दे रही है।
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(Udaipur Kiran) / रामबहादुर पाल
