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परेशान करना खुदकुशी के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता : उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाईकोर्ट का छाया चित्र

–पति को खुदकुशी के लिए उकसाने की आरोपित साधना देवी की सशर्त जमानत मंजूर

प्रयागराज, 27 अगस्त (Udaipur Kiran) । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पति को खुदकुशी के लिए मजबूर कर उकसाने की आरोपित विंध्याचल, मिर्जापुर की साधना देवी की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। वह 18 मई 25 से जेल में बंद हैं।

यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने याची अधिवक्ता दिव्यांशु तिवारी व शैलेश कुमार उपाध्याय को सुनकर दिया है। तर्क था कि सुसाइड नोट में याची पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है, बल्कि कहा गया है कि मेरी पत्नी को कोई आरोप न लगाये। खुदकुशी के लिए उकसाने का कोई साक्ष्य नहीं है। परेशान करना खुदकुशी के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता।

यह भी तर्क दिया गया कि याची को झूठा फंसाया गया है। एफआईआर भी घटना के दस दिन बाद लिखी गई है। सुसाइड नोट मृतक की पैंट की जेब से बरामद किया गया है। याची के खिलाफ अन्य कोई आपराधिक केस नहीं है। कोर्ट ने व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति लेकर संतुष्ट होने पर रिहाई का निर्देश दिया है।

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(Udaipur Kiran) / रामानंद पांडे

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