

सहारनपुर, 24 अगस्त (Udaipur Kiran) ।कोतवाली सदर बाजार, थाना कतुबशेर पुलिस और सर्विलांस टीम के हाथ बड़ी सफलता लगी है। शनिवार शाम को पुलिस टीमों ने नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 2.59 लाख रुपये की नकली नोट भी बरामद हुए हैं। आरोपियों के पास नकली नोट छापने के उपकरण भी मिले हैं। आरोपी आधे दामों में नकली नोट बेच देते थे। इनका नेटवर्क कई प्रदेशों तक फैला है। इनसे नकली नोट खरीदने वाले दो आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एक सूचना के आधार पर कोतवाली सदर बाजार, थाना कुतुबशेर पुलिस और सर्विंलास की टीम ने सदर बाजार क्षेत्र के लोको पायल ट्रेनिंग सेंटर के सामने जाने वाले रास्ते पर खाली पड़े रेलवे के क्वार्टर से आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने पूछताछ में अपने नाम शशी उर्फ सर्वेश उर्फ राहुल गुप्ता पुत्र राम विलास विश्वकर्मा निवासी ग्राम नगेलिनपुर पटारा पत्रा जनपद कानपुर, नवीन पासवान पुत्र अनिल पासवान निवासी मुकुल द्वार बेलपार थाना भड़लगंज जनपद गोरखपुर, करणवीर पुत्र बलजीत कुमार निवासी गिल्लौर थाना रादौर जनपद यमुनानगर हरियाणा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 2.59 लाख के नकली नोट बरामद हुए हैं। सभी नोट 500-500 रुपये के हैं। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, प्रिंटर, फोटो कटर, लैपटॉप चार्जर, 72 कोरी शीट, हाई क्वालिटी की, छह आधार कार्ड, पर्स, बाइक, बल्ब और बिजली के तार बरामद हुए हैं। आरोपी अंतरराज्यीय अपराधी है। दो दिन पहले ही कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने गुरुद्वारा रोड निवासी वंश और रूपल को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से पांच हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। आरोपियों ने इन्हीं से नकली नोट आधे दामों में खरीदे थे। इसी आधार पर पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंच पाई है। हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड़ और वेस्ट यूपी में फैला है नेटवर्क सहारनपुर।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि आरोपियों का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड सहित वेस्ट यूपी के जनपद मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर के अलावा कई जिलों तक फैला है। जांच में सामने आया है कि आरोपी इन राज्यों और जिलों में भी लोगों को नकली नोट सप्लाई कर चुके हैं। इनके गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसको लेकर पुलिस ने गहनता से जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के साथियों की तलाश के लिए एसएसपी आशीष तिवारी ने पुलिस की तीन टीमों को लगाया है।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ईनाम भी दिया जाएगा। आरोपियों के गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, इसके आधार पर भी पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है।
आरोपियों ने इंस्टाग्राफ व फेसबुक पर पेज बना रखे थे, जिसमें आरोपी आधे दामों में नोट देने का प्रचार करते थे। आरोपियों ने चुनिंदा लोगों को ही अपने एकाउंट से जोड़ रखा था। आरोपी लालच देते थे पांच हजार रुपये के बदले दस हजार रुपये के नोट उपलब्ध करा देंगे। आरोपी झांसा देते थे कि यह नोट पुराने और थोड़े फटे हुए हो सकते हैं। कुछ लोगों ने इनसे जब संपर्क किया तो इन्होंने एक दम कोरे नोट उपलब्ध कराए, लेकिन सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाला प्रचार करते थे। यह नोट नकली होते थे, जिन दो आरोपियों को पुलिस ने दो दिन पहले जेल भेजा है, वह भी सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपियों के संपर्क में आए थे। आरोपियों के पास से हाई क्वालिटी की शीटें बरामद हुई हैं, जो आरोपी विदेश की एक कंपनी वेबसाइट और एप पर आर्डर कर मंगवाते थे। इसके बदले बकायदा आरोपी ऑनलाइन रुपये भी जमा करते थे। आरोपियों ने लैपटॉप में असली 500 रुपये का नोट स्कैन कर रखा था। इसी के आधार हाई क्वालिटी की शीट पर आरोपी फोटो शॉप के माध्यम से नोट के सीरीज नंबर के पिछले नंबरों को बदलकर प्रिंट कर नकली नोट छाप देते थे। इसके पश्चात आरोपी नोटों की कटिंग कर, गड्डी बनाकर ग्राहकों को फंसाकर सप्लाई करते थे।
(Udaipur Kiran) / MOHAN TYAGI
