
जयपुर, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने एसआई भर्ती 2021 पर माननीय राजस्थान उच्च न्यायलय के फैसले के संबंध में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी कोर्ट के हर फैसलें का सम्मान करती है। हम इस फैसलें का परीक्षण करेंगे।
उन्होंने कहा कि 2021 में हुई एसआई भर्ती परीक्षा के सारे घटनाक्रम पर कोर्ट ने टिप्पणी की है जो उस समय की कांग्रेस सरकार की करतूतों पर मोहर लगाने का काम करती है। कोर्ट ने कहा है कि जिस प्रकार इसमें आरपीएससी की संलिप्तता है। वह कहीं ना कहीं कांग्रेस सरकार में सत्ता के उच्च पदों पर आसीन लोगों भी मिलीभगत को प्रकट करती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी भी इस मामले में गिरफ्त में आए है।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि 2021 से लेकर दिसम्बर 2023 तक ढाई वर्ष के अन्तराल में अभ्यर्थियों की मांग पर भी तत्कालीन सरकार द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। भारतीय जनता पार्टी ने तब विधानसभा के पटल पर भी उच्चस्तरीय परीक्षण की बात रखी थी ।लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार चुप रही।
उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2023 में सरकार बनने के अगले दिन ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने इसके लिए एसआईटी का गठन किया और एसआईटी की प्रारम्भिक रिपोर्ट के अनुसार एफआईआर दर्ज हुई और पूरा प्रकरण एसओजी को सौंपा गया। इस पूरे मामले में अब तक 300 से अधिक गिरफ्तारियां हुई और 55 से अधिक ट्रेनों एसआई की गिरफ्तारियां हुई।
इस पूरे मामले में भाजपा सरकार की त्वरित कार्रवाई से ही इस बात का आधार बना है। भजनलाल सरकार ने एसआई प्रकरण और अन्य परीक्षाओं में भी प्रभावी कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों को कटघरे में पहुंचाने का काम किया।
दूसरी तरफ इन डेढ वर्षो में जितनी भी परीक्षा हुई उनमें पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित हुई हैं। भाजपा सरकार कोर्ट के इस फैसलें का परीक्षण करेगी।
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(Udaipur Kiran)
