
– श्रम मंत्री पटेल ने की विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा, कहा-अधिकारी कारखानों का करें नियमित निरीक्षण
इंदौर, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में शुक्रवार को इंदौर में श्रम विभाग के कार्यों एवं योजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंत्री पटेल ने श्रम विभाग के अंतर्गत औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं, मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल के कार्यों आदि की समीक्षा की गई।
बैठक में मंत्री पटेल ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित शिक्षा और तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत श्रमिकों के बच्चे लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो सुखद संकेत है। राज्य शासन भी संगठित और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भोपाल में स्थित श्रमोदय मॉडल आईटीआई में अध्ययनरत श्रमिकों के सभी बच्चों का प्लेसमेंट शत-प्रतिशत रहा। साथ ही पांच अन्य श्रमिक विद्यालय के बच्चों का प्रदर्शन भी बेहतर रहा। असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों का ऑनलाईन पंजीयन तीव्रता से किया जा रहा है। श्रम विभाग से जुड़े औद्योगिक विभाग एवं अन्य विभागों का ऑनलाईन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बैठक में मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिकों के बच्चों के लिए नरसिंहपुर में आईटीआई स्थापित होगा। साथ ही 17 स्थानों पर श्रमिक विभाग शालाओं का निर्माण किया जाएगा, जहां भोजन और पेयजल की व्यवस्था रहेगी। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं उनके परिवार के बच्चों के कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं में नवाचार तथा नवीन तकनीक का पूरा उपयोग किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश श्रम विभाग के ई-श्रम पोर्टल पर 1.89 करोड़ श्रमिक पंजीकृत है। वर्ष 2025 में ई-श्रम पोर्टल पर मध्यप्रदेश के 11.74 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जबकि इस वर्ष 2.33 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया। ई-श्रम पंजीयन में मध्य प्रदेश का देश में चौथा स्थान है।
मंत्री पटेल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों के हित में बनी केन्द्र और राज्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ से कोई भी श्रमिक वंचित नहीं रहे। सभी श्रमिकों को आयुष्मान योजना, संबल योजना आदि योजनाओं का लाभ दिया जाए। अधिकारी श्रमिकों के साथ संवेदनशीलता दिखाये और उनके बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य आदि सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें। अधिकारी मैदान में जाकर कार्य करें। कारखानों का नियमित निरीक्षण करें और सतत मॉनिटरिंग करें।
बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन, श्रमायुक्त रजनी सिंह, श्रम विभाग के अपर सचिव बंसत कुर्रे, अपर श्रमायुक्त प्रभात दुबे, औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा संचालक नमिता तिवारी, कर्मचारी राज्य बीमा सेवा संचालक सीएस जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में अधिकारियों ने भी अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए।
(Udaipur Kiran) तोमर
