
-काठमंडी में आर्य समाज का स्वर्ण
जयंती समारोह संपन्न
सोनीपत, 24 अगस्त (Udaipur Kiran) । सोनीपत की काठ मंडी स्थित आर्य
समाज का स्वर्ण जयंती समारोह रविवार को बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न
हुआ। इस अवसर पर 50 वें स्थापना दिवस में समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी
संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। समारोह में राज्यसभा सांसद रामचन्द्र
जांगड़ा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज देश के सामने सबसे बड़ी
चुनौती अच्छे संस्कारों की है। जिस व्यक्ति के जीवन में संस्कार नहीं हैं, वह न तो
अपनी संस्कृति से जुड़ा रह पाता है और न ही राष्ट्रवाद एवं मानवता को समझ पाता है।
उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कारों के निर्माण में केवल आर्य समाज ही सक्षम है। महर्षि
दयानंद सरस्वती के उपदेश और उनकी रचनाएं जीवन को सही दिशा देती हैं। जांगड़ा ने स्पष्ट
कहा कि पाश्चात्य सभ्यता किसी भी प्रकार से हितकारी नहीं है, जबकि वैदिक संस्कृति को
विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है। उन्होंने महर्षि दयानंद को भारत का पथप्रदर्शक बताते
हुए कहा कि उनके कारण ही समाज पतन की ओर जाने से बच पाया।
उन्होंने आर्य स्कूलों की प्रशंसा
करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ वैदिक संस्कृति पर आधारित शिक्षा का समावेश ही
आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाएगा। समारोह की अध्यक्षता आर्य समाज के पूर्व प्रधान
ज्ञानचंद आर्य और हिन्दी आंदोलन के सत्याग्रही वेदप्रकाश मलिक ने की। समाजसेवी अनिल
मलिक, देव सरोहा और जय सिंह दहिया विशिष्ट अतिथि रहे। संजीत शास्त्री ने भजनों से वातावरण
को भक्ति भाव में रंग दिया। मंच संचालन शिक्षिका नीलम ने किया। कार्यक्रम में आर्य समाज के मंत्री
कपिल देव, कोषाध्यक्ष अरुण दहिया सहित अनेक पदाधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे। यज्ञ
में रोहित व अजय सपत्नीक यजमान बने। समारोह के अंत में वैदिक मंगल गान के साथ कार्यक्रम
संपन्न हुआ।
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(Udaipur Kiran) शर्मा परवाना
