
रांची, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । राजस्थान के जयपुर के होटल में राजस्थान बिजिनेस समिट-2025 के तहत फ्यूचर सिटी ट्रैक विषय पर आयोजित सेमिनार में नगर विकास और पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने झारखंड में हुए विकास के कार्यों को दर्शाया। जिसकी कार्यक्रम में सराहना की गयी।
इस अवसर पर कुमार ने कहा कि झारखंड एक इकोफ्रेंडली और खनन एवं औद्योगिक विकासशील राज्य है। यहां आइटी सेक्टर और पर्यटन के क्षेत्र में काम हो रहे हैं। यहां का जीडीपी ग्रोथ बेहतर है, सड़क, रेल, हवाई और जलमार्ग परिवहन की उत्कृष्ट सुविधा है। पीपीपी मोड की कठिनाई को सरल करते हुये हेम मोड और डीबीओटी सहित कई अन्य सरल तरीकों का प्रावधान किया गया है। इससे इंवेस्टर्स को निवेश करने में आसानी होगी। प्रधान सचिव ने मंच के माध्यम से निवेशकों को आमंत्रित भी किया।
झारखंड के प्रमुख शहरों का हुआ विकास
सचिव ने कहा कि राजधानी रांची के साथ राज्य के प्रमुख शहरों का भी विकास हुआ है। रांची में कांटाटोली फ्लाईओवर, मेकन सिरमटोली फ्लाईओवर और रातू रोड फ्लाईओवर विकास को गति प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रांची मे 80 किलोमीटर का रिंगरोड रोड पहले से ही है। 196 किलोमीटर के आउटर और 45 किलोमीटर के इनर रिंगरोड पर काफी तेजी से काम चल रहा है। इससे रांची का यातायात बहुत सुगम हो जायेगा। यही नहीं सभी रिंगरोड को शहर के लगभग सभी मार्गों से इंटरलिंक
(एरियल रोड) किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार के मार्गदर्शन में रांची में निर्मित स्मार्ट सिटी और वहां हो रहे शहरी विकास के कार्य नया आयाम को दर्शाता है। सी-4 प्रणाली, अरबन सिविक टावर और अन्य आधारभूत संरचना राज्य में हुये कार्यों और राज्य सरकार के विकास के संकल्प को परिलक्षित कराते हैं।
बन रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर और पर्यटन कॉरिडोर
प्रधान सचिव ने कहा कि अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत, सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, आरओबी, अंडर रेल ब्रिज, रिंगरोड और बाइपास के क्षेत्र मे काम हुये हैं। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, पर्यटन कॉरिडोर और धार्मिक कॉरिडोर में काम हुये हैं और आगे भी होंगे।
प्रधान सचिव ने बताया कि एयरपोर्ट, आइएसबीटी और रेलवे के विकास की योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। नगर विकास मंत्री के निर्देश पर शहरों का डिजिटलीकरण, डिजीटल मास्टर प्लान, शहरो के विस्तार, सेटेलाइट टाउनशिप सहित कई अन्य विकास के कार्य पाइपलाइन में है। इसके अलावा राज्य की प्रमुख नदियों का सुंदरीकरण और विकास, जीआइएस आधारित मास्टर प्लान, सेटेलाइट टाउनशिप और ट्रांजिट आधारित परिवहन के विकास के प्रस्ताव तैयार हैं।
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(Udaipur Kiran) / Vinod Pathak
