Jammu & Kashmir

जम्मू में बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपात बैठक की अध्यक्षता की, पर्याप्त धनराशि और संसाधन उपलब्ध करवाने का दिया आश्वासन

जम्मू में बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपात बैठक की अध्यक्षता की, पर्याप्त धनराशि और संसाधन उपलब्ध करवाने का  दिया आश्वासन

श्रीनगर 26 अगस्त (Udaipur Kiran) । मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू संभाग में लगातार हो रही बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति की समीक्षा के लिए एक आपात बैठक की अध्यक्षता की।

जम्मू संभागीय आयुक्त और सभी 10 जिलों के उपायुक्तों ने मुख्यमंत्री को अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी स्थिति और तैयारियों से अवगत करवाया।

मुख्यमंत्री को विभिन्न स्थानों पर दर्ज किए गए उच्चतम बाढ़ स्तर, चेतावनी स्तर और नदियों, नालों और अन्य जल निकायों में बढ़ते जल स्तर से अवगत करवाया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत और पुनर्वास कार्य एसडीआरएफ के मानदंडों के अनुसार सख्ती से आगे बढ़ेंगे। हालाँकि, जहाँ भी इन मानदंडों से परे अतिरिक्त आवश्यकताएँ उत्पन्न होंगी मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करूँगा कि अतिरिक्त प्रावधान उपलब्ध करवाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को समय पर भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बुजुर्गों, बच्चों और रोगियों सहित कमजोर आबादी को प्राथमिकता सहायता मिलनी चाहिए।

शहरी क्षेत्रों में पंपों और अन्य मशीनों के माध्यम से जल निकासी का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहाँ भी जल निकासी पंपों की कमी है वहाँ जल निकासी पंपों की व्यवस्था की जाए। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं से तुरंत सहायता ली जानी चाहिए। उन्होंने अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।

उमर अब्दुल्ला ने आगे निर्देश दिया कि आवश्यक आपूर्ति और बचाव कार्यों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सड़कों और प्रमुख संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने उपायुक्तों को त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया।

उपायुक्तों ने बताया कि नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मियों और मशीनरी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बैठक में सड़कों, पुलों और इमारतों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ आवासीय भवनों और कृषि भूमि को हुए नुकसान की भी जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हेल्पलाइन और सूचना के माध्यम से जनता के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाना चाहिए ताकि ज़रूरतमंद लोगों तक समय पर अपडेट और सहायता पहुँच सके।

बैठक में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, मंत्री जावेद राणा, जाविद डार, सतीश शर्मा और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी उपस्थित थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव जल शक्ति, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिरीक्षक जम्मू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बाहरी अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

(Udaipur Kiran) / बलवान सिंह

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