-पैसे देने से मना करने पर मारी थी गोली
-दोषी पर अदालत ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया
नूंह, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । जिला के पिनगवां थाना क्षेत्र में करीब सात साल पहले अपने जीजा के भाई की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी को अदालत ने दोषी ठहराया। शुक्रवार को नूंह अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने दोषी को उम्र कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार रामचंद्र निवासी होडल जिला पलवल द्वारा पुलिस को शिकायत दी गई थी। जिसमें कहा था कि उनके बड़े लडक़े संजय की शादी 2013 में गांव सिकरावा में सतपाल की बहन के साथ हुई थी। सतपाल उनसे पैसों की डिमांड करता रहता था। आरोपी सतपाल के ज्यादा कहने पर एक बार उसे 50 हजार रुपए भी दे दिए गए। जब सतपाल से पैसे मांगे तो उसने पैसे लौटाने से मना कर दिया। इसके बाद सतपाल ने अपनी बहन के पास रहना शुरू कर दिया। जहां सतपाल की दोस्ती छोटे बेटे सूरज (20) से हो गई। सतपाल और सूरज दोनों एक साथ काम करने के लिए जाते थे। जिसके बाद सतपाल उससे पैसों की डिमांड करने लगा।
पीडि़त पक्ष की शिकायत के अनुसार तीन नवंबर 2018 को सतपाल निवासी सिकरावा ने सूरज को पिनगवां बुलाया और उसे जंगल में ले गया। सूरज के पास एक बाइक और कुछ नकदी थी। आरोप था कि वहां सतपाल ने अपने भाई रिंकू और कल्लू को बुला लिया। जहां सतपाल ने सूरज को पीछे से गोली मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब शाम करीब छह बजे उन्होंने सूरज के पास फोन किया तो किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठा कर बताया कि उनके लडक़े की हत्या हो चुकी है। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भिजवाया। इस मामले में पुलिस ने सतपाल को दो दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। विशेष अभियोजक संदीप लांबा ने बताया कि पीडि़त पक्ष के बयानों के साथ-साथ जरूरी सबूत जुटाने में पुलिस कामयाब रही। करीब सात साल से अधिक समय तक मामले की सुनवाई कोर्ट में चली। सबूतों और मजबूत पैरवी के आधार पर शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने अब आरोपी सतपाल को दोषी माना, जिसे आजीवन कारावास की सजा और 50 हजार रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया।
(Udaipur Kiran)
