Chhattisgarh

समाज की संस्कृति और एकता का प्रतीक है नुआखाई पर्व

बूढ़ी मां समलेश्वरी माई की पूजा के बाद समूह में खड़े समाजजन।

धमतरी, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । नई फसल आगमन की खुशी में गाड़ा समाज ने परंपरागत नुआखाई पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया। शहर के साल्हेवारपारा वार्ड क्रमांक 13 स्थित गाड़ा बस्ती में आयोजित इस पर्व में 100 से अधिक परिवार शामिल हुए। समाजजन सुबह से ही अपने आराध्य देवी बूढ़ी मां समलेश्वरी माई की विशेष पूजा-अर्चना में जुट गए। इस अवसर पर महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक परिधानों में सामूहिक प्रार्थना कर देवी को नई फसल का पहला भोग अर्पित किया।

नुआखाई पर्व न केवल नई फसल की खुशी का प्रतीक है बल्कि यह समाज की संस्कृति, एकता और परंपराओं को भी मजबूती देता है। गाड़ा समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि यह पर्व पीढ़ियों से समाज की धरोहर रहा है। समाज के अध्यक्ष संतोष जगत और उपाध्यक्ष संतराम बघेल ने कहा कि इस अवसर पर एकजुट होकर पर्व मनाने से भाईचारे और सहयोग की भावना को बल मिलता है। इस अवसर पर समाज के संदीप नागेश, सुनील जगत, राजेश नागेश, कन्हैया नागेश, गणेश प्रधान, प्यारेलाल प्रधान, संजय नेताम, शिव नेताम, ऋतुराज जगत, जादू नागेश, धनेश्वर जगत सहित अन्य मौजूद रहे।गाड़ा समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज आज शिक्षा और सामाजिक उत्थान की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। युवा वर्ग शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संतराम बघेल और कमल नारायण जगत ने बताया कि बूढ़ी मां समलेश्वरी माई की कृपा से आज गाड़ा समाज विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। मां बूढ़ी मां की कृपा सभी पर बनी रहे और समाज निरंतर प्रगति करता रहे।

31 अगस्त को होगा मिलन समारोह

नुआखाई पर्व के उपलक्ष्य में गाड़ा समाज 31 अगस्त को मिलन समारोह का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संबलपुरी आर्केस्ट्रा का भी आयोजन होगा। समाज के सचिव चरण सिंह जगत और युवा अध्यक्ष कमल नारायण जगत ने बताया कि इस मिलन समारोह का उद्देश्य नई पीढ़ी को समाज की संस्कृति और परंपरा से जोड़ना है।

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(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा

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