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नेपाल के राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार गठन का किया बचाव, लिखित जवाब दाखिल

राष्ट्रपति के पास भेजा गया अध्यादेश

काठमांडू, 28 नवंबर (Udaipur Kiran) । प्रतिनिधि सभा विघटन और सर्वोच्च अदालत की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में बनी सरकार का बचाव करते हुए राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने सर्वोच्च अदालत में लिखित जवाब दाखिल किया है।

राष्ट्रपति ने अपने जवाब में उल्लेख किया है कि संवैधानिक इजलास में विचाराधीन सभी 17 रिट खारिज की जानी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि जेन-जी आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार गठन करने की संवैधानिक जिम्मेदारी राष्ट्रपति के समक्ष आई थी और तत्कालीन बाध्यकारी परिस्थिति के कारण कार्की नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ।

राष्ट्रपति का दावा है कि प्रतिनिधि सभा पुनर्स्थापना की मांग वर्तमान संवैधानिक और राजनीतिक परिस्थिति के अनुरूप नहीं है और इसलिए रिट खारिज किए जाने योग्य है। जवाब में कहा गया है कि उस समय प्रधानमंत्री पद रिक्त था और राजनीतिक दल सरकार गठन के लिए आगे नहीं आ पा रहे थे, जिससे देश की शांति, सुरक्षा और शासन व्यवस्था पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था।

जवाब के अनुसार तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सिफारिश के आधार पर संविधान में निहित राष्ट्र प्रमुख के अधिकारों का प्रयोग करते हुए असाधारण परिस्थिति का समाधान करने तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की दृष्टि से यह कदम उठाया गया।

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(Udaipur Kiran) / पंकज दास