Chhattisgarh

सुकमा : लगातार बारिश के कारण शबरी नदी का जल स्तर बढ़ने से नेशनल हाईवे 30 बंद

सुकमा में लगातार बारिश के कारण शबरी नदी का जल स्तर बढ़ने से नेशनल हाईवे 30 बंद,

सुकमा, 27 अगस्त (Udaipur Kiran) ।सुकमा जिले में लगातार बारिश होने की वजह से बढ़कर मंजर चारों तरफ है। बाढ़ के कारण सुकमा-जगदलपुर मार्ग पूरी तरह से बंद है। बाढ़ की वजह से सुकमा से जगदलपुर जाने वाले लोग फंस गए हैं। जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुकमा से कोंटा जाने वाली सड़क में भी जगह-जगह पर नेशनल हाईवे 30, में जल भराव होने के कारण से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बुधवार की दोपहर 3 के बाद शबरी नदी का जल स्तर धीमी गति से घटने लगा था। इधर शबरी नदी का जलस्तर 11.5 मीटर की पर कर चुका था जबकि सभी नदी का डेंजर लेवल 13 मीटर के पर है।

सुकमा जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के बीच राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सुकमा तहसीलदार अंबर गुप्ता के मार्गदर्शन में नगर सेना की टीम ने पुलिस लाइन सुकमा के पास एनएच गीदम नाला से भी बड़ी कार्रवाई की। यहां बस से आए करीब 17 यात्रियों को नाव की मदद से सुरक्षित पार कराया गया, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। जिला प्रशासन ने तत्काल सभी के लिए नाश्ता और पीने के पानी की व्यवस्था भी की। इसी कड़ी में नगर पालिका सुकमा के नयापारा इलाके से भी 11 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। भारी बारिश में फंसे इन लोगों को निकालने के लिए तत्काल अभियान चलाया गया। राहत बचाव कार्य अभी भी जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को छिंदगढ़ तहसील के अंतर्गत अंदुमपाल क्षेत्र में बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया गया। यहां करीब 29 घंटे से गोरली नदी में फंसे 1 ग्रामीण को नगर सेना की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। ग्राम अंदुमपानी (बेन्द्रापानी) निवासी मुचाकी हिड़मा (पिता केसा), 60 वर्ष, कल अचानक नदी में पानी बढ़ने के कारण बीच धारा में एक पेड़ के सहारे फंसे रहे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन, नगर सेना और ग्रामीणों की तत्परता से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और परिजनों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। इस पूरे अभियान के दौरान छिंदगढ़ तहसीलदार इरशाद अहमद और जनपद सीईओ पीके गुप्ता भी मौके पर मौजूद रहे और लगातार राहत कार्यों का संचालन किया।

इधर, सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने भी कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव से फोन पर बात कर बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने साफ किया है कि जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सभी विकासखंडों में राहत शिविर चिन्हांकित किए गए हैं, और अधिकारी-कर्मचारी लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं। राहत शिविर में रहने-खाने की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है।

सुकमा-जगदलपुर बंद जाम में फंसे लोग :

सुकमा-जगदलपुर मार्ग मंगलवार रात 10 बजे के बाद से सुकमा स्थित पुलिस लाइन के आगे नेशनल हाईवे 30 में, शबरी नदी का जल भराव होने से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। बुधवार की देर शाम 07 बजे तक मार्ग में शबरी नदी का जल भराव था, जिसकी वजह से आवागमन पूरी तरह से बंद था। सुकमा को मलकानगिरी (ओडिशा) से जोड़ने वाली मार्ग की झापरा पुल के ऊपर से बहने के कारण से सोमवार 4 बजे से बंद है, इधर सुकमा और कोंटा को जोड़ने वाली सड़क में भी जगह पर शबरी नदी का नेशनल हाईवे 30 में जल भरा होने से मार्ग पूरी तरह से बंद था, जिसकी वजह से बड़ी संख्य में यात्री और वाहन फंसे हुए थे। इधर जिला प्रशासन के द्वारा जगह-जगह पर बाढ़ राहत शिविर केंद्र बनाए गए है।

सीआरपीएफ कैंप में घुसा बाढ़ का पानी –

जिला मुख्यालय स्थित शबरी नदी से लगा हुआ क्षेत्र सबरी नगर लाइन पर बगीचा पर सहित अन्य मोहल्ले में बाढ़ का पानी घुसा। मंगलवार दिन रात को निकली बस्तियों के लोगों को खाली करवा कर राहत शहर में रखा गया। वही शबरी नगर स्थित सीआरपीएफ सेकेंड बटालियन के मुख्यालय में भी बाढ़ का पानी घुसा। देर रात 02 बजे सीआरपीएफ कैंप में शबरी नदी का पानी कैंप के अंदर से बहने लगा। जिसको देखते हुए कैंप में सामानों को खाली करवाया गया।

(Udaipur Kiran) / मोहन ठाकुर

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